





Thar पोस्ट। दुनिया के सभी देशों में वेलेंटाइन डे मनाने का एक फैशन सा बन गया है। लेकिन यह एक सम्राट की क्रूरता का नतीजा है। दरअसल, रोम के सम्राट क्लॉडियस II ने अपने साम्राज्य में शादियों पर रोक लगा दी थी। राजा को सेना की जरूरत थी और उसका मानना था कि अविवाहित सैनिक शादीशुदा सैनिकों के मुकाबले ज्यादा अच्छे योद्धा साबित हो सकते हैं। राजा के इस आदेश से लोग काफी दुख में थे। जबकि सेंट वैलेंटाइन पादरी का मानना था कि प्रेम तो ईश्वर का वरदान है। ऐसे में उन्होंने प्यार करने वालों की शादी करवानी शुरू कर दी। उन्होंने लोगों को राजा का आदेश न मानने के लिए प्रेरित किया। ऐसे में जब राजा को इस बात का पता लगा तो उसने सेंट वैलेंटाइन को जेल में बंद करवा दिया और 14 फरवरी 269 ईस्वी को सेंट वैलेंटाइन को फांसी दे दी गई। और इसके बाद





हालांकि वैलेंटाइंस डे मनाए जाने की शुरुआत 5वीं सदी की आखिर में हुई थी। पोप गेलैसियस I द्वारा 14 फरवरी को सेंट वैलेंटाइन के सम्मान में एक पर्व दिवस के रूप में स्थापित किया गया था। इतिहासकार जानकार ये भी बताते हैं कि वैलेंटाइंस डे रोम की पुरानी परंपरा ‘लूपरकोरिया’ की जगह शुरू किया गया था। 14वीं शताब्दी में ज्योफ्री चौसर की कविताओं के माध्यम से वैलेंटाइन प्रेम से जुड़ गया।