





Thar पोस्ट न्यूज। एमजीएसयू इतिहास विभाग के विद्यार्थियों ने किया सागर की छतरियों का शैक्षणिक भ्रमण। महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के विद्यार्थियों ने सागर की छतरियों व देवीकुंड सागर का शैक्षणिक भ्रमण किया। सर्वप्रथम कुलगुरू आचार्य मनोज दीक्षित ने विद्यार्थी दल को हरी झंड़ी दिखाकर परिसर से रवाना किया। इतिहास विभाग की विभागाध्यक्ष व भ्रमण निदेशक डॉ. मेघना शर्मा ने विद्यार्थियों को बताया कि सागर बीकानेर के पूर्व राजपरिवार के समाधि स्थल के रूप में विख्यात है जहां महाराजा करणी सिंह तक के शासकों की छतरियां शामिल हैं, जिनमें दुलमेरा लाल पत्थर और संगमरमर का भी उपयोग हुआ है।





सागर स्थित छतरियों के गुंबदों की छत पर हिन्दू देवी देवताओं के चित्र, फूलों, पक्षियों और मोर की बारीक नक्काशी है। डॉ. मुकेश हर्ष ,डॉ. रीतेश व्यास ने बताया कि महाराजा अनूप सिंह की छतरी सोलह खंभों पर टिकी, कला और स्थापत्य का अद्भुत नमूना है तो वहीं महाराजा सूरत सिंह की छतरी सफेद संगमरमर से बनी, बारीक नक्काशीदार और बहुत आकर्षक है।
भ्रमण दल में विभाग के लगभग साठ विद्यार्थियों ने भाग लिया। अतिथि शिक्षकों में डॉ गोपाल व्यास, जसप्रीत सिंह, डॉ खुशाल पुरोहित, रिंकू जोशी, भगवान दास सुथार शामिल रहे।