





Thar पोस्ट। राजस्थान के मुख्य शहरों में अब ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) करने की प्लानिंग है। इसमें शहरों के वे इलाके शामिल होंगे, जहां ज्यादातर लोग मेट्रो, रेलवे या बस से यात्रा कर रहे हैं। उन स्टेशनों के आसपास ही घर, दफ्तर, दुकानें और जरूरी सुविधाएं इस तरह विकसित की जाएंगी कि लोगों को कहीं दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके लिए टीओडी नीति लाई जा रही है, जिसको मुख्यमंत्री ने मंजूरी दे दी है और इसे कैबिनेट बैठक के लिए भेज दिया गया है। शहरों के मास्टर प्लान में भी शामिल कर विकास योजना तैयार की जाएगी। मेट्रो रेल, रेलवे, रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम व अन्य किसी पब्लिक ट्रांजिट सिस्टम को शामिल किया जाएगा, जहां पीक आवर्स में एक ही दिशा में प्रति घंटा 5 हजार या उससे अधिक लोग यात्रा करते हों। ऐसे सभी स्टेशनों को टीओडी नोड घोषित किया जाएगा और इन नोड के 800 मीटर दायरे को टीओडी जोन माना जाएगा। हालांकि, इसकी फिजिबिलिटी के पहले संबंधित विकास प्राधिकरण, नगर विकास न्यास आकलन कराएगा।




