Thar पोस्ट, न्यूज। राजस्थान में चुनाव की तारीख घोषित होने के बाद से इस तारिख को आगे या पीछे करने की मांग उठ रही है। राजस्थान में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होते ही एक नया विवाद सामने आ गया है. राजस्थान में जिस दिन मतदान होना है, उस दिन देवउठनी एकादशी है, जिसको लेकर अंतरराष्ट्रीय हरिशेवा धाम के महंत और महामंडलेश्वर हंसराम (Swami Hansram) ने चुनाव आयोग से तारीख बदलने की मांग की है। समस्या सरकारी कर्मचारियों के साथ भी है, जिनकी ड्यूटी चुनाव में लगेगी. वे या तो घर की शादी में ही भाग ले सकेंगे, या फिर मतदान महोत्सव में. महामण्डलेश्वर ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध पुष्कर मेला भी इसी दिन से शुरू होने जा रहा है. ऐसे में चुनाव की तिथि को बदलने को लेकर मांग की गई है.अंतरराष्ट्रीय हरिशेवा धाम के महंत और महामंडलेश्वर हंसराम ने चुनाव आयोग से मांग की है कि 23 नवंबर के स्थान पर चुनाव की तारीख बदलकर आगे या पहले करें, ताकि आमजन धार्मिक पर्वों में भागीदारी कर सकें. देवउठनी एकादशी के दौरान शादी विवाह और मांगलिक कार्य होंगे. इसी दौरान अजमेर जिले के पुष्कर में अंतराष्ट्रीय मेला भी होता है, ऐसे में मतदान प्रक्रिया पर असर पड़ेगा।अबूझ सावा होने के कारण हजारों की तादाद में शादियां होती है. लोग एक स्थान से दूसरे स्थान पर रिश्तेदारों के घर जाते हैं. विवाह के एक दो दिन पहले एक दूसरे के गांव घर जाते हैं. वहीं जिनके यहां शादी है, वो तैयारियों में उलझे रहेंगे. ऐसे में दोनों ही सूरत में वो कामकाज या समारोह छोड़कर वोटिंग करने शायद ही जा पाएं. यह समस्या लाखों लोगें के सामने आएगी. इससे सीधा सीधा अंदाजा लगाया जा सकता है कि लोगों की यह व्यस्तता वोटिंग को प्रभावित करेगी.