Thar पोस्ट। राजस्थान में बीजेपी की दूसरी सूची रिलीज करने से पहले पार्टी में गहन चिंतन मंथन चल रहा है। बीजेपी में जिस फार्मूले के आधार पर टिकट दिए जा रहे है इससे ये संकेत मिल गए है कि दूसरी लिस्ट में भी कई दिग्गजों के टिकट कट जाएंगे। पार्टी में वसुंधरा गुट के कई नाम पहले ही कट गए है। दूसरी लिस्ट में कुछ को टिकट देकर डैमेज कंट्रोल का प्रयास किया जएगा। जानकारी में रहे कि राजस्थान में बीजेपी ने 41 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट हाल ही में जारी की। इस लिस्ट के जारी किए जाने के बाद ही पार्टी के अंदर विरोध हुआ। यह भी बात आई है कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने जिन नामों की पैरवी की थी पार्टी आलाकमान ने उन नामों को पूरी तरह अनदेखा कर दिया है। ऐसे में बीकानेर पूर्व सहित अन्य टिकटों पर खतरा बना हुआ है। इसके अलावा बीजेपी आलाकमान ने प्रदेश नेतृत्व की सुनने के बजाय खुद के सर्वे के आधार पर किए गए निर्णयों पर ज्यादा भरोसा जताया है. इस लिस्ट में सूची में संघ को पूरी तवज्जो दी गई है। पार्टी ने इन 41 उम्मीदवारों में से 21 नए चेहरों पर दांव लगाया है. 41 में से 39 सीटें ऐसी है जहां बीजेपी को पिछली बार हार का सामना करना पड़ा था. इनमें 11 सीटें ऐसी भी हैं जहां पिछले तीन बार से बीजेपी लगातार हार रही है. 41 उम्मीदवारों में से 6 एससी, 9 एसटी और बाकी 26 सामान्य वर्ग के उम्मीदवार हैं जबकि चार 4 महिला उम्मीदवार भी शामिल हैं. पहली लिस्ट में जितने भी उम्मीदवारों को शामिल किया गया है उससे एक संदेश तो साफ है कि संगठन ही मुख्य है. मोदी और शाह ने अपने सर्वे के आधार पर टिकट बांटी है न की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के पैरवी वाले नेताओं को। विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के पास कुल 19 सीटें ऐसी हैं जहां पिछले तीन बार से हुए चुनाव में बीजेपी की लगातार हार होती आई है. पहले लिस्ट में इन 19 में से 11 सीटों पर उम्मीदवार उतारे गए और ये उम्मीदवार इस बार कड़ी टक्कर दे सकते हैं.पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 200 में से सिर्फ एक मुस्लिम उम्मीदवार यूनुस खान को टोंक सीट से उतारा था. इस बार भी बीजेपी की पहली उम्मीदवारों की लिस्ट में 41 उम्मीदवारों में एक भी मुस्लिम प्रत्याशी को शामिल नहीं किया है।