





Thar पोस्ट, बीकानेर । पुष्करणा सावा में अब पूरा शहर एक आंगन है। हर गली व चौक रोशन है। देर रात तक चहल-पहल है। कन्याओं की शादी करने वालों के लिए गौ धन मित्र ने हवन कण्डे का निःषुल्क सुविधा मोहता चौक के संस्कृति पाटा से वितरण का कार्य आरंभ कर दिया है। रोजाना हवन कण्डे की सुविधा दी जा रही है । गौ धन मित्र के प्रबंधक श्री महेन्द्र जोशी ने बताया कि गौमाता की सेवा करना का इससे अच्छा अवसर हम को कभी नही मिल सकता पुष्करणा सावा में हमारी परंपरा व हमारी विरासत को कायम रखने में पुष्करणा सावा की जो भूमिका है उसका अनुसरण अन्य समाज के लोग भी करने लग गए है सामुहिक विवाह एक छत के नीचे हमारे बीकानेर की पहचान बन गयी है । वर्षों से चली आ रही हमारी परंपरा को नई युवा पीढि भी आगे ले कर जायेगी जिससे हमारी अर्थ व्यवस्था भी सुधरेगी व समय का भी बचत होगा । संस्कृति पाटे के श्री राजकुमार जी जोशी, श्री मांगीलाल जी जोशी, व बबला महाराज आदि हवन कण्डे की सेवा लोगों के घर घर व पाटा के माध्यम से दे रहे है । लोगों को इस सेवा का लाभ लेना चाहिए , श्री सत्यनारायण जोशी कोलकाता के श्री मनोज ओझा आदि अपने मित्रों के तन मन के साथ सेवा में जुटे हुए है ।






शीरे पावणा बींद राजा का खिताब व श्रीनाथ यात्रा देगा रमक झमक
सावा सेवा के लिये किया सम्मान
बीकानेर। इस बार भी पौरणिक गणवेश वाले दूल्हों का रमक झमक सम्मान करेगा व प्रथम 2 को ‘सिरै पावणा बींद राजा’ खिताब’ से नवाजा जाएगा। रमक झमक के वरिष्ठ संरक्षक रतना महाराज ने बताया कि किसी गमी के कारण रमक झमक का स्टेज कार्यक्रम मुख्य चौक में नहीं किया जाकर,सिर्फ रमक झमक सावा कार्यालय के आगे से ठीक 4 बजे विष्णु गणवेश में निकलने वाले प्रथम दो दूल्हों को ‘सिरै पावणा बींद राजा’ खिताब से नवाजा जाएगा तथा दूल्हे को सपत्नीक श्रीनाथजी यात्रा का टिकट दिया जायेगा। उन्हें 15 दिन में यात्रा करनी होगी। सावा समिति सदस्यों व पंडितों का सम्मान। रमक झमक सस्थान की और से आज मंच पर
वर्षो से पुष्करणा सावा तय करने वाली संस्था से जुड़े व वर्तमान में अध्यक्ष मखन लाल व्यास,
संयोजक नारायण व्यास, श्री बल्लभ व्यास, कानू लाल,मांगी लाल व्यास,
बृजेश्वरलाल व्यास व सावा मुहूर्त शोधन में योगदान देने के लिये पण्डित अशोक ओझा,प. राजेन्द्र किराड़ू, पँचागकर्ता अशोक ओझा उर्फ राजा, धर्मसागर ओझा ,राज ज्योतिषी परिवार के वर्तमान प्रतिनिधि भाया आचार्य को एडवोकेट ओम भादाणी, अविनाश आचार्य, आशीष भादाणी व भैरुछंगाणी को शाल, श्रीफल व सम्मान पत्र देकर ने सम्मानित किया। पूर्व में रमक झमक की ओर प्रहलाद ओझा ‘भैरु’ ने स्वागत भाषण दिया और राधे ओझा ने आभार जताया।
