





Thar पोस्ट (जितेंद्र व्यास)। इसे संयोग कहे या फिर पिछले जन्मों का योग। बीकानेर में एक ही परिवार के सदस्य 71 साल से तीन पीढ़ियों से रावण की भूमिका निभा रहे है। मजे की बात यह है कि आयोजकों को भी कोई दूसरा कलाकार नही जमता/जचता। रामायण की बात करते हैं तो एक ऐसा चरित्र की सामने आता है जिसका विशालकाय शरीर, और अटहास ,को देखकर हर कोई भयभीत होने से अपने आप को नही रोक सकता, देश भर में नवरात्र के दौरान बीकानेर शहर में बीकानेर दशहरा कमेटी लगातार पिछले 71 सालों से दशहरे की झांकी मे रावण की भूमिका में एक ही आहूजा परिवार के सदस्य अपना लोहा मनवा रहे है।











वर्तमान में रावण बनने वाले कलाकार पत्रकार के कुमार आहूजा बताते है कि तीसरी पीढी पिछले 71 सालों से शहर को अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूजनीय दादा श्री माधव दास जी आहूजा 23 वर्ष बीकानेर दशहरा कमेटी में अपनी भूमिका निभाई, तत्पश्चात सिल्वर जुबली रावण पूर्व आयकर अधिकारी शिवाजी आहूजा ने 25 वर्ष तक इसी परंपरा को कायम रखा। और रावण परिवार के नाम की ख्याति अर्चित की।
बीकानेर दशहरा कमेटी के अनुसार के, कुमार आहुजा ने अपनी कद काठी और खतरनाक अटहास एक अलग पहचान बनाई है। एक तरफ (सीते, सीते) की गूँज तो रावण बने आहूजा अहंकारी आवाज के साथ राम लक्ष्मण को युद्ध के लिए ललकारते हैं तो दूसरी तरफ झांकी के रास्ते बच्चों को ट्रॉफी बिस्कुट बांटते हे बीकानेर शहर का आहूजा परिवार रावण परिवार के नाम से मशहूर है उनकी पत्नी कांता आहूजा को पड़ोसी मंदोदरी भाभी के नाम से पुकारते हैं और आश्चर्य की बात है कि उन्हें अपने नाम पर गर्व भी होता है। इस बार के दशहरा उत्सव।में शहर वासियों के मनोरंजन करने के बाद आहूजा परिवार में उनके संस्कृती में एक स्वर्णिम वर्ष और जुड़ जाएगा।
