






Thar पोस्ट न्यूज। देश में पहली तारीख को अनेक बदलाव होते है। इस बार 6 बदलाव हुए है। इनमें LPG सिलेंडर, बैंकिंग, FD, ATM से लेकर गाड़ियों की कीमत और LPG सब्सिडी तक कई नियमों और कीमतों में बदलाव किया गया है। इनका असर सीधे आपके घर के बजट, बैंकिंग खर्च और खरीदारी की लागत पर पड़ सकता है। ये है बदलाव












कमर्शियल LPG सिलेंडर हुआ महंगा
1 अक्टूबर से 19 किलो वाले कमर्शियल गैस रिफिल के दाम बढ़ गए हैं। दिल्ली में इसकी कीमत ₹62.50 बढ़कर ₹2,810 हो गई है। इसका असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और दूसरे कारोबारों की लागत पर पड़ सकता है। हालांकि, 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
एफ डी में बदलाव
बैंकों में फिक्स डिपाजिट यानी FD कराने वाले ग्राहकों के लिए भी 1 अक्टूबर से बदलाव हुए हैं। RBI के दिशानिर्देशों के तहत बल्क FD की सीमा और उससे जुड़े ब्याज नियमों में संशोधन किया गया है। ये अलग अलग बैंकों में भिन्न भिन्न है। इसका असर बड़े डिपॉजिट रखने वाले ग्राहकों और उनके निवेश पोर्टफोलियो पर पड़ सकता है।
ये समान हुआ महंगा
त्योहारी सीजन में टीवी, AC और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने वालों को कीमतों में बढ़ोतरी का सामना करना पड़ेगा। इनपुट कॉस्ट और कस्टम्स ड्यूटी में बदलाव के कारण कुछ कंपनियां अपने उत्पादों की कीमतें बढ़ा दी हैं, जो आज से लागू होंगी। हालांकि, कीमत में वास्तविक बढ़ोतरी कंपनी और प्रोडक्ट के हिसाब से अलग हो सकती है। LG के एयर कंडीशनर की कीमतों में आज से 5-7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो गई है।
ये भी हुए महंगे
1 अक्टूबर 2026 से टाटा ने अपने कमर्शियल वाहनों की कीमतों में 1 फीसदी तक बढ़ोतरी करने की घोषणा की है। यानी नया कमर्शियल वाहन खरीदने वाले ग्राहकों को पहले की तुलना में ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है।
बैंक ग्राहकों पर भी असर
SBI ग्राहकों के लिए ATM से जुड़े शुल्क के नियमों में भी बदलाव किया गया है। निर्धारित मुफ्त सीमा से ज्यादा ATM से कैश निकालने या गैर-वित्तीय ट्रांजैक्शन करने पर लागू सेवा शुल्क के नियमों में संशोधन किया जा रहा है। इसलिए बार-बार ATM इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को अपने ट्रांजैक्शन की लिमिट संख्या पर ध्यान देना होगा।
इसे अनिवार्य किया
घरेलू गैस सब्सिडी उपभोक्ताओं के लिए बायोमेट्रिक आधार सत्यापन यानी e-KYC को लेकर नियम सख्त किए गए हैं। जिन ग्राहकों की आधार e-KYC पूरी नहीं होगी, उनकी सब्सिडी प्रभावित हो सकती है। इसलिए सब्सिडी पाने वाले उपभोक्ताओं के लिए अपना KYC स्टेटस जांचना जरूरी है।
