






Thar पोस्ट न्यूज। देशभर से मानसून अब अपने घर लौट रहा है। इसकी विदाई भी राजस्थान प्रदेश से होते हुए आगे बढ़ती है। इस विदाई के बीच सितंबर के आखिरी दिनों में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा उदयपुर तक पहुंच चुकी है, लेकिन उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय मौसमी सिस्टम के असर से 28 और 30 सितंबर को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, मेघगर्जन और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। मौसम विभाग ने 28 सितंबर को राजस्थान के 17 जिलों में बारिश, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं सीकर और आसपास के इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट है। यहां हल्की से मध्यम बारिश के साथ तीव्र मेघगर्जन और तेज हवाएं चलने की संभावना है। पूर्वी राजस्थान के अलवर, भरतपुर, दौसा, डीग, धौलपुर, जयपुर, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़ और सीकर में मेघगर्जन, वज्रपात, हल्की से मध्यम बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। पश्चिमी राजस्थान में बीकानेर, चूरू, डीडवाना-कुचामन, हनुमानगढ़, नागौर और श्रीगंगानगर में भी गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट है।












विभाग का कहना है कि मानसून की वापसी की रेखा गुरदासपुर, चंडीगढ़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, धौलपुर, उदयपुर, डीसा और नलिया तक बनी हुई है। यानी राजस्थान के बड़े हिस्से से मानसून की विदाई की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। इसके बावजूद अगले दो दिन कुछ इलाकों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। 27 सितंबर को भी राजस्थान के कई हिस्सों में मौसम बदला। जयपुर, अजमेर और भरतपुर संभाग में कुछ जगह बादल गरजे और वज्रपात के साथ बारिश हुई। बीकानेर, दौसा, चूरू, डीडवाना-कुचामन, हनुमानगढ़, नागौर और श्रीगंगानगर के कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ तेज बारिश व ओले गिरे।
