



Thar पोस्ट न्यूज़। भाजपा के कद्दावर नेता देवी सिंह भाटी ने आज प्रेस वार्ता की। अपने चिर परिचित अंदाज में उन्होंने किसानों की पीड़ा को रखा।

बीकानेर। राजस्थान के पूर्व सिंचाई मंत्री देवीसिंह भाटी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर राज्य के दक्षिणी-पश्चिमी हिस्सों, विशेष रूप से बीकानेर जिले में बारिश की कमी से उत्पन्न भीषण अकाल की स्थिति पर गहरा संकट जताया है। मौसम विभाग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने आगामी 15 दिनों तक बारिश की संभावना न होने और फसलों व पशुधन पर मंडराते खतरे को लेकर चिंता व्यक्त की है।
भाटी ने अकाल राहत कार्य व पशु सेवा केंद्र शुरू करने की मांग पत्र में उल्लेख किया गया है कि वर्षा के अभाव में बारानी व नहरी काश्तकारों की फसलें पूरी तरह से सूख रही हैं। इसके साथ ही पशुओं (गाय, भेड़, बकरी, ऊंट व आवारा पशु) के लिए चारे-पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। भाटी ने सरकार से मांग की है कि ग्राम पंचायत व ग्राम स्तर पर समय से पूर्व अकाल राहत कार्य, चारागाह विकास और पशु सेवा केंद्र तुरंत शुरू किए जाएं ताकि पशुओं को अकाल मृत्यु से बचाया जा सके।
पेयजल किल्लत और अकाल प्रभावित क्षेत्र घोषित करने का आग्रह बीकानेर जिले की कोलायत, बज्जू, हदां, खाजूवाला, छत्तरगढ़, पूगल, श्रीडूंगरगढ़, नोखा, लूनकरणसर और बीकानेर तहसील सहित कई क्षेत्रों में बेहद कम या न के बराबर बारिश हुई है। इसके चलते तालाबों, बावडियों और नहरों में पानी की आवक कम हो गई है, जिससे आने वाले समय में पेयजल का भारी संकट पैदा होने की आशंका है। पूर्व मंत्री ने शीघ्र आकलन करवाकर इन क्षेत्रों को अकाल प्रभावित घोषित करने का आग्रह किया है।
कातरा (लट) प्रकोप: दोबारा खेतवार गिरदावरी की मांग कोलायत क्षेत्र के सियाणा, नैणिया, वाला, खाखूसर, हदां, लम्माणा भाटियान, लम्माणा मुलवान, खिन्दासर, नान्दड़ा, भेलू, दासोड़ी, खजोड़ा और खारा लोहान सहित विभिन्न गांवों में ‘कातरा (लट)’ कीट के प्रकोप से मूंग, मोठ और ग्वार की फसलें 100 प्रतिशत तक नष्ट हो चुकी हैं। भाटी ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने पूरे गांव स्तर पर मात्र 15 से 20 प्रतिशत फसल खराबे की गलत रिपोर्ट तैयार की है, जिससे ग्रामीणों में गहरा असंतोष है। उन्होंने पूरे प्रभावित क्षेत्र की दोबारा खेतवार गिरदावरी करवाकर पीड़ित काश्तकारों को उचित मुआवजा राशि दिलाने की मांग की है।
बीजेपी नेता रांका के टिकट के मामले में भाटी ने कहा कि वे लोकप्रिय नेता है। क्या उन्हें टिकट मांगने की जरूरत है? वे जनता के बीच दुख दर्द में शामिल रहते आये है।
