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IMG 20240902 WA0177 1 नए जिलों में होंगी कटौती, बैठक में मिले संकेत Rajasthan News Portal राजस्थान
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Thar पोस्ट। राजस्थान में पूर्व कांग्रेस सरकार द्वारा बनाये नए जिलों में कटौती की जा सकती है। 17 नए जिलों की समीक्षा के लिए गठित सेवानिवृत्त आईएएस ललित के. पंवार कमेटी की रिपोर्ट पर सोमवार को कैबिनेट सब कमेटी की बैठक में चर्चा हुई। सीएमओ में हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा भी मौजूद रहे।

इसमे जिले बढ़ाने और घटाने को लेकर कोई फैसला नहीं हो पाया। किन्तु यह संकेत जरूर मिले हैं कि कुछ जिलों में कटौती हो सकती है। संभावित तौर पर छोटे जिलों पर सरकार कैंची चला सकती है। कमेटी की अगली बैठक 15 दिन बाद होगी।

इस अवसर पर जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने छोटे जिलों पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि एक विधानसभा क्षेत्र जितने इलाके को जिला बना दिया तो फिर तो 200 जिले बन जाएंगे। उन्होंने कहा कि जिलों के गठन में मापदंड तो तय होने ही चाहिए। जनसंख्या को ध्यान में रखना चाहिए। जिलों को लेकर पंवार कमेटी ने क्या आधार बनाए हैं, क्या दूरी होनी चाहिए। इस पर बैठक में चर्चा हुई है, कुछ नए जिलों की भी मांग आ रही है। इन सब पर अगली बैठक में चर्चा होगी।

मंत्री ने कहा कि एक जिले को बनाने में करीब 2000 करोड़ रुपए का खर्चा आता है। 2008 में प्रतापगढ़ जिला बना था। इतने साल बीतने के बावजूद भी वहां पर प्रशासनिक संसाधनों की कमी है। नए जिलों में भी इतनी सारी सहूलियत देने में 8 से 10 साल लग जाएंगे। उन्होंने कहा कि राजस्थान की 7 करोड़ की जनसंख्या है, उसको प्रशासनिक इकाइयों के हिसाब से मेंटेन करना जरूरी है।


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