ताजा खबरे
शारदीय नवरात्रा में लगातार 82वें साल में गोकुल सर्कल पर होगा अखंड हरि कीर्तनप्रदर्शन : दिल्ली में क़िलाबन्दी ? सभी बॉर्डर सील‘पंचायत चुनाव जीतने पर कुंवारे युवकों की शादी कराउंगी’ : वोट दो-दुल्हन लो’अमेरिका में आरोपी को मौत की सजा सुनाई, लाइव दिखाने पर छिड़ी बहसडूंगर कॉलेज के शोधार्थी दीपक यादव को पीएच.डीआरोपी की गिरफ्तारी व निष्पक्ष जांच के आश्वासन के बाद धरना खत्म, मृतक का किया अंतिम संस्कारहनुमानगढ़ में पंचायत एवं जिला परिषद चुनावों को लेकर भाजपा ने तेज की तैयारियांमहाजन में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने की कार्यवाहीये 9 रेलसेवाएं रद्द रहेंगी, ये है वजहसूर्य मंदिर में हुआ तर्पण, शहीदों के सम्मान में पोस्टर लगाकर दी श्रद्धांजलि
IMG 20230602 121359 भारत में क्यों मर रहें है चीते ? यह है कारण ! वैज्ञानिकों की टीम साउथ अफ्रीका व नामीबिया जाएगी Rajasthan News Portal देश
Share This News

Thar पोस्ट, न्यूज। भारत में छह चीतों की मौत हो चुकी है। मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में इन चीतों की मौत किस वजह से हुई ? इसका अध्ययन करने के लिए वन विभाग के अधिकारियों की टीम नामीबिया और और दक्षिण अफ्रीका जाएगी. इसकी जानकारी केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोमवार को दी है। अफ्रीकी देश से लाए गए चीतों को मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में रखा गया है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से भोपाल में मुलाकात के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह छह जून को श्योपुर जिले में कूनो नेशनल पार्क का दौरा करेंगे। चीतों के एनपी में मार्च से अब तक छह चीतों की मौत हो चुकी है. बीते 23 मई को ज्वाला चीता से पैदा हुए चार शावकों में से तीन की मौत हो गई. इसके अलावा नामीबियाई चीतों में से एक साशा की 27 मार्च को गुर्दे से संबंधित बीमारी की वजह से मौत हो गई. वहीं साउथ अफ्रीका से लाए गए चीता उदय की 13 अप्रैल को मौत हुई थी, जबकि चीता दक्ष की इसी साल 9 मई को नर चीते के साथ हुई हिंसक झड़प के बाद दम तोड़ दिया था. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चीता प्रोजेक्ट के लिए सुरक्षा, संरक्षण और सभी तरह की सहायता प्रदान की जाएंगी।


Share This News