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IMG 20221206 165059 डिजिटल रुपया देश की मुख्य मुद्रा बनेगी ! अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा असर Rajasthan News Portal देश
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Thar पोस्ट, न्यूज। भारत मे अब डिजिटल रुपी या कहें डिजिटल रुपया देश का भविष्य बनने जा रहा है। वर्तमान में यह सरकार की ओर से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया गया है और इसमें आने वाली दिक्कतों को दूर कर इसके प्रयोग का दायरा बढ़ाया जाएगा। डिजिटल रुपया बढ़ती तकनीक के साथ देश और विदेश में भी लेन-देन का माध्यम बन सकता है और इसकी मजबूती भविष्य में अर्थव्यवस्था की दिशा का निर्धारण भी करेगी. अब जब यह लागू होने की दिशा आगे चल चुका है तब लोगों के मन में तमाम तरह के सवाल उठते जा रहे हैं. कई लोग आशंकित हैं कि कहीं यह भविष्य में पूरी तरह से वर्तमान व्यवस्था का विकल्प तो नहीं बन जाएगा. कई लोगों का लग रहा है कि आने वाले समय में एक बार फिर मोदी सरकार नोटबंदी की तरह कोई घोषणा कर दे और काला धन एक बार फिर केवल कागज बनकर तिजोरी की शान बन जाए.हालांकि इस बारे में बैंकिंग विशेषज्ञों की राय भी अलग अलग है। बैंकिंग के विशेष जानकार एससी सिन्हा के अनुसार फिलहाल सरकार नोटबंदी की तरह को जल्दबाजी में डिजिटल रूपी को लागू नहीं करने जा रही है. अभी डिजिटल रुपया पायलेट प्रोजेक्ट की तरह चल रहा है. आगे इसे सरकार सोच समझकर इसका दायरा बढ़ाएगी. फिलहाल तो संभव नहीं है. चार-पांच साल बाद यह संभव हो पाएगा. भारत में एक बड़ी आबादी आज भी ग्रामीण इलाकों में रहती है ऐसे में संभावना है कि इसे पूर्ण से लागू कर पुरानी व्यवस्था को बदल दिया जाए ऐसा निकट भविष्य में तो जान नहीं पड़ता है. अभी इस पर काफी काम करने की जरूरत है.डिजिटल रुपया बेशक कालेधन पर रोक लगाने में अहम भूमिका निभाएगा। मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों को भी वर्तमान परिस्थिति में रोकने का काम करेगा. इतना ही नहीं सरकार को टैक्स न देने वाले भी अब बच नहीं पाएंगे और सबसे बड़ी बात यह की टेरर फंडिंग पर भी पूरी तरह से रोक लगेगी. इसके अलावा क्रिप्टो करेंसी जैसे विदेशी डिजिटल करेंसी के भारत में फैलाव और भारतीयों के इसमें निवेश को भी रोका जा सकेगा.अभी यह प्रायोगिक तौर पर लागू किया गया है और अभी कई सारी बातें साफ नहीं हुई हैं. अबी यह नहीं साफ है कि आखिर कैसे डिजिटल लेन-देन को जमीनी स्तर पर उतारा जाएगा. वॉलेट के अलावा क्या और कोई विकल्प होगा. यह बात तो साफ है कि इस डिजिटल मनी के जरिए सरकार को लाखों करोड़ों रुपये की नकदी की बचत होने जा रही है जो सरकार हर साल नोट व्यवस्था को बनाए रखने के लिए खर्च करती है

डिजिटल रुपया भविष्य में बैंकिंग व्यवस्था को नुकसान पहुंचाएगा. इस बारे में बैंकिंग विशेषज्ञ का कहना है कि डिजिटल रुपये बैंकिंग को कोई नुकसान नहीं पहुंएगा. बैंकिंग सिस्टम अपनी जगह यथावत अपना काम करते रहेंगे. हां डिजिटल रुपये के लिए सरकार को आधारभूत ढांचा तैयार करना होगा. 

फिर इन ऐप का क्या होगा ?

संभव है कि भीम यूपीआई ऐप को सरकार इस डिजिटल रुपया के क्रियान्वयन में प्रयोग में लाए या फिर इसे डिजिटल रुपये के सिस्टम में मिला दिया जाए।


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