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IMG 20220312 101036 युद्ध : महिलाओं के साथ, छेड़छाड़ और उनकी सुरक्षा की चिंता Rajasthan News Portal बीकानेर अपडेट
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Thar पोस्ट, न्यूज। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध ने लाखों लोगों को बेघर किया है। इनमे बड़ी संख्या में वो महिलाएं है जो अकेले या फिर अपने बच्चों के साथ जीवन बसर कर रही थी। जर्मनी की बर्लिन पुलिस को ऐसी शिकायतें मिली हैं कि यूक्रेन से जर्मनी आई शरणार्थी महिलाओं के साथ बदसलूकी या फिर छेड़छाड़ की कोशिशें हुई हैं महिलाएं शिकायत कर रही है। लेकिन हालात बुरे हैं। मनचले सक्रिय हैं। हालांकि पुलिस वॉलंटियरों के साथ मिलकर काम कर रही है।

बर्लिन के सेंट्रल स्टेशन पर आ रहे यूक्रेनी शरणार्थियों के स्वागत में पुलिस और वालंटियर बड़ी मुस्तैदी से जुटे हैं. उनके पास ऐसी शिकायतें भी आई हैं कि कुछ लोग युवतियों और लड़कियों की कमजोर स्थिति का फायदा उठा रहे हैं, खासकर उनका जो अकेले या फिर छोटे बच्चों के साथ आई हैं। पुलिस के मुताबिक, कुछ ऐसे मामले सामने आए हैं जब पुरुषों ने महिलाओं को लिफ्ट या फिर रहने की जगह का प्रस्ताव दिया। पुलिस को जानकारी मिली है कि ये लोग हजारों की संख्या में आ रहे शरणार्थियों की वजह से फैली अफरातफरी का फायदा उठाने की फिराक में हैं।

संघीय पुलिस के प्रवक्ता ने डीडब्ल्यू को बताया कि अच्छी बात यह रही कि, “वे इतने घबराए हुए हैं कि तुरंत ही वॉलंटियर या फिर हमारे स्टाफ की नजरों में आ गए.” उन्होंने यह भी बताया कि दुर्व्यवहार के मामले हैं. एक महिला हमारे पास आई थी जिसके साथ ऐसी कोशिश की गई.” एक आदमी उसे मदद देने के बहाने अपने साथ ले जाने की कोशिश कर रहा था, “हमें उसे स्टेशन से निकालना पड़ा. फिलहाल यहां बड़ी संख्या में लोग हैं, जो ईमानदारी से मदद करना चाहते हैं. दूसरी तरफ कुछ ऐसे लोग भी हैं, जो इस परिस्थिति का फायदा उठाना चाहते हैं.”मोनिका चिसेक इवांस मानव तस्करी के शिकार लोगों के लिए एक काउंसलिंग सेंटर चलाती हैं. उनका कहना है, “अच्छा होगा कि जो लोग महिलाओं और बच्चों को अपने साथ ले जा रहे हैं, उनके नाम दर्ज किए जाएं. दुर्भाग्य से बहुत सारे लोग यहां दूसरों का शोषण करने की भी कोशिश करते हैं और जरूरी नहीं कि इस तरह के सिर्फ मर्द ही शरणार्थियों के सामने जाएं. महिलाओं पर भी आंख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए.”


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