ताजा खबरे
प्रदर्शन : दिल्ली में क़िलाबन्दी ? सभी बॉर्डर सील‘पंचायत चुनाव जीतने पर कुंवारे युवकों की शादी कराउंगी’ : वोट दो-दुल्हन लो’अमेरिका में आरोपी को मौत की सजा सुनाई, लाइव दिखाने पर छिड़ी बहसडूंगर कॉलेज के शोधार्थी दीपक यादव को पीएच.डीआरोपी की गिरफ्तारी व निष्पक्ष जांच के आश्वासन के बाद धरना खत्म, मृतक का किया अंतिम संस्कारहनुमानगढ़ में पंचायत एवं जिला परिषद चुनावों को लेकर भाजपा ने तेज की तैयारियांमहाजन में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने की कार्यवाहीये 9 रेलसेवाएं रद्द रहेंगी, ये है वजहसूर्य मंदिर में हुआ तर्पण, शहीदों के सम्मान में पोस्टर लगाकर दी श्रद्धांजलिआक्रोशित पार्षदों ने आयुक्त कार्यालय के आगे कचरा डाला, बेहाल सफाई व्यवस्था
FB IMG 16295653715320278 1 कद्दावर नेता कल्याण सिंह का निधन Rajasthan News Portal देश
Share This News

Thar post देश के दिग्गज राजनेता उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता कल्याण सिंह का शनिवार देर रात निधन हो गया। उन्होंने लखनऊ के एसजीपीजीआई अस्पताल में अंतिम सांस ली. पिछले डेढ़ महीने से बीमार चल रहे कल्याण सिंह की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई थी. एक पूरी डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही थी, सीएम योगी भी उनकी सेहत का हालचाल ले रहे थे, लेकिन शनिवार को उन्होंने दम तोड़ दिया और वे ये दुनिया छोड़ हमेशा के लिए चले गए.
शुक्रवार को ही सीएम योगी आदित्यनाथ, कल्याण सिंह की तबीयत का जायजा लेने एसजीपीजीआई गए थे. तब वहां पर मौजूद डॉक्टरों की टीम ने बताया था कि राजस्थान के पूर्व राज्यपाल की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई थी और मेडिकल एक्सपर्ट, उनके स्वास्थ्य की निगरानी लगातार रख रहे थे.  लेकिन उनकी सेहत में कोई सुधार नहीं हो रहा था. उन्हें वेंटिलेटर पर भी रखा गया था और भांति हाई प्रेशर ऑक्सीजन भी देनी पड़ रही थी. लेकिन शनिवार देर रात स्थिति ज्यादा बिगड़ गई और डॉक्टरों की टीम भी कल्याण सिंह को नहीं बचा पाई.
बता दें, विगत 4 जुलाई को कल्याण सिंह को एसजीपीजीआई लखनऊ में भर्ती किया गया था. जिसके बाद से लगातार भाजपा के नेताओं द्वारा पीजीआई जाकर उनके स्वास्थ्य का हाल-चाल लिया जाने लगा. पिछले महीने एक वक्त ऐसा भी आया था तब कल्याण सिंह की सेहत में तेजी से सुधार हो रहा था. वे लोगों से बात भी कर पा रहे थे. लेकिन फिर दोबारा उनकी तबीयत बिगड़ी और सांस लेने में तकलीफ होने लगी. उस तकलीफ से कल्याण सिंह अंत तक उबर नहीं पाए और उन्होंने 89 साल की उम्र में अंतिम सांस ली.

कल्याण सिंह का जाना भारतीय राजनीति के लिए एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती. कहने को कल्याण सिंह के राजनीतिक जीवन में कई विरोधी रहे, कई लोगों को उनकी विचारधार पसंद नहीं आती थी, लेकिन फिर भी उन्हें एक दिग्गज नेता का तमगा दिया गया था. राम मंदिर आंदोलन में तो उनकी ऐसी सक्रियता रही कि उन्हें अपनी सीएम कुर्सी तक कुर्बान करनी पड़ गई थी. ऐसे में इतिहास भी कल्याण सिंह के योगदानों को हमेशा याद रखेगा. कोई उनका आलोचक होगा तो कोई उन्हें मसीहा बताएगा. लेकिन याद सभी करेंगे क्योंकि भारतीय राजनीति का वे महत्वपूर्ण अंग रहे.


Share This News