Thar पोस्ट। मौसम को लेकर भले ही कितने ही हाईटेक सिस्टम विकसित कर लिए जाए, लेकिन कुदरत का अंदाज़ा कई बार फेल हो जाता है। बीती शाम व दिन के लिए विभाग ने अलर्ट जारी किया था लेकिन उमड़ी घनघोर घटाएं छू मंतर हो गई, आसमान में केवल गर्द छाई। राजस्थान के ज्यादातर जिलों में भी करीब एक सप्ताह से ऐसा खेल चल रहा है। लगभग हर दिन घटाएं बादल छाते हैं और थोड़ी ही देर में गायब हो जाते हैं। हालात ये है कि मानसून के सीजन में बारिश के बजाय उमस पसीने से भिगो रही है। राजस्थान के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में बारिश जारी है, जबकि उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में कुछ जगह बारिश नहीं होने से गर्मी-उमस तेज है। राजधानी में शुक्रवार को दिनभर धूप और उमस रही।

विभाग द्वारा राजस्थान के 31 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी है। आधा दर्जन जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। वही 21-22 जुलाई को राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। विभाग ने अजमेर, भरतपुर संभाग के जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

राजस्थान में मानसून की अब तक की स्थिति देखें तो 148.9 एमएम बारिश हो चुकी है, जो सामान्य बारिश 143.8 एमएम से 4 फीसदी ज्यादा है। जिलेवार स्थिति में 33 में से 14 ऐसे जिले हैं, जहां सामान्य से बारिश कम हुई है।