Thar पोस्ट न्यूज, राजस्थान। रावण के पुतले को कोटा जिले में खड़ा करने का काम रात तक चला। यहां पुतला खड़ा करने के दौरान वह जमीन पर आ गिरा। विजयादशमी पर शनिवार को होने वाले रावण दहन से पहले दशानन के कुनबे के पुतले खड़े करने का काम दिनभर जारी रहा। रात करीब साढ़े नौ बजे क्रेन से जब रावण का पुतला खड़ा किया जा रहा था, तब क्रेन का बेल्ट और रस्सा टूटने से करीब 20 से 25 फीट ऊंचाई से रावण का पुतला धड़ाम से पेड़े पर गिर गया। इससे सिर का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।

इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, हालांकि किसी तरह की जनहानि नहीं हुई, लेकिन पुतला खड़ा करने में लापरवाही बरती गई। इस दौरान हड़कम्प मच गया। पुतला गिरने की संभवत: यह पहली घटना है। देर रात पुतले को दुरुस्त करने का काम शुरू कर दिया गया।
पुतला खड़ा करने के दौरान बड़ी संख्या में लोग आसपास जमे हुए थे और मोबाइल पर वीडियो और फोटो खींच रहे थे। रावण का पुतला गिरने की घटना भी मोबाइल में कैद हो गई, जो देर रात सोशल मीडिया पर जबर्दस्त वायरल होती रही। उधर, पुतला गिरने की खबर शहर में फैलते ही बड़ी संख्या में लोग दशहरा मैदान के विजयश्री रंगमंच पहुंचने लगे। पुलिस ने विजयश्री रंगमंच के आसपास का क्षेत्र खाली करवा दिया और लोगों को दूर कर दिया। रावण के पुतले पर कंकड़ मारने की रस्म के लिए हर बार लोग पहुंचते हैं। पुलिस का विशेष जाप्ता तैनात किया गया।दशानन के पुतलों का दहन ग्रीन पटाखों से होगा।
इस बार दशानन कुनबे के पुतलों का दहन ग्रीन पटाखों से इको फ्रैंडली तरीके से किया जाएगा। रावण का पुतला इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम पर काम करेगा। इसके लिए आतिशबाजी का कंट्रोल आधुनिक ऑटोमाइजेशन सिस्टम कोल्ड पायरो तकनीक से किया जाएगा। इससे रिमोट से दूर से ही रावण के पुतले के अलग-अलग अंगों में आतिशबाजी नियंत्रित की जाएगी।