





Thar पोस्ट न्यूज। जल जीवन मिशन घोटाले के मामले में आरोपी पूर्व आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल को सोमवार को एसीबी ने कोर्ट में पेश किया। इस दौरान एसीबी ने उनसे पूछताछ के लिए तीन दिन की रिमांड की मांग की, जिसका बचाव पक्ष ने कड़ा विरोध किया। एसीबी की ओर से वकील ने दलील दी कि रिमांड आवेदन केस डायरी का हिस्सा होता है, इसलिए इसकी कॉपी देना जरूरी नहीं है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने एसीबी को अपने तर्क के समर्थन में कानूनी प्रावधान या आदेश पेश करने के लिए 15 मिनट का समय दिया।
कोर्ट में पेशी के दौरान सुबोध अग्रवाल ने मीडिया से कहा कि उन्होंने जांच में पूरा सहयोग किया है और एसीबी के सभी सवालों के जवाब दिए हैं। उन्होंने दावा किया कि फाइनेंस कमेटी के 37 मामलों में से केवल 4 मामले उनसे जुड़े हैं, जबकि बाकी 33 मामले पूर्व अधिकारियों के कार्यकाल के हैं, जिनमें करीब 600 करोड़ रुपये का मामला शामिल है।




