





Thar पोस्ट न्यूज। बीकानेर के नागरी भंडार: 119वें स्थापना दिवस पर तीन दिवसीय कार्यक्रम प्रारम्भ
विधायक जेठानंद व्यास ने किया चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन। जुबली नागरी भंडार के 119वें स्थापना दिवस पर बुधवार को महारानी सुदर्शन कला दीर्घा में चित्र प्रदर्शनी से बसन्त उत्सव का आगाज हुआ। तीन दिवसीय कार्यक्रम 23 जनवरी तक चलेंगे।
चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन बीकानेर पश्चिम विधायक जेठानन्द व्यास, वरिष्ठ चित्रकार महावीर स्वामी, पृथ्वी सिंह राजपुरोहित और जुबली नागरी भण्डार के प्रबन्धक नन्द किशोर सोलंकी ने किया। तीन दिवसीय कला प्रदर्शनी में शहर के 60 कलाकारों के 100 से अधिक चित्र प्रदर्शित हुए हैं। यह चित्र पारम्परिक कला, लोककला यथार्थ चित्रण, समसामयिक चित्र के साथ मूर्ति शिल्प, सुनहरी कलम, राजस्थानी पगड़ी के साथ लोक परम्पराओं का श्री नृसिंह भगवान का मुखौटा स्वरूप प्रदर्शित किया गया है।





उद्घाटन सत्र में सहसंयोजक कमल किशोर जोशी ने स्वागत उद्बोधन दिया। नन्दकिशोर सोलंकी ने कहा कि बीकानेर के चित्रकारों ने देश भर में शहर को नई पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि कलाकारों के लिए कला शिक्षण व प्रशिक्षण के लिए नागरी भंडार निशुल्क उपलब्ध करवाया जाएगा।
चित्रकार पृथ्वी सिंह राजपुरोहित ने प्रदर्शनी को श्रेष्ठ कला प्रदर्शनी बताया और कहा कि कलाकारों की तीन पीढ़ियों को इस प्रदर्शनी के माध्यम से मंच मिला है।
विधायक जेठानंद व्यास ने कहा कि सभी कलाकारों की कृतियां उत्तम और कल्पनाओं का बेहतरीन प्रदर्शन है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीकानेर में एक और कला दीर्घा बने, इसके लिए उपयुक्त स्थान का चयन कर राज्य सरकार को आग्रह किया जाएगा। उन्होंने जूनागढ़ के सामने हेरिटेज मार्केट को इसका सर्वश्रेष्ठ विकल्प बताया।
वरिष्ठ चित्रकार श्री महावीरस्वामी ने उद्गार व्यक्त किए।प्रदर्शनी संयोजन करने में सहसंयोजक मनोज सोलंकी, डॉ. मोना सरदार डूडी, कमल किशोर जोशी, राम कुमार भादाणी, प्रिया मारु आदि मौजूद रहे। उद्धाटन सत्र का संचालन चित्रकार योगेन्द्र कुमार पुरोहित ने किया। शायर
जहीन बुनियाद जहीन ने आभार जताया।
दो दिवसीय वसन्तोत्सव में श्री सरस्वती स्तोत्रम् पाठ एवं मां सरस्वती का पूजन होगा। नत्थूसर गेट बाहर स्थित लक्ष्मीनारायण रंगा सृजन सदन के परिसर में मां सरस्वती के मन्दिर में दो दिवसीय वसन्तोत्सव 22 व 23 जनवरी मनाया जाएगा। मन्दिर प्रन्यास के राजेश रंगा एवं तोलाराम सारण ने बताया कि इस वर्ष बसंत उत्सव के प्रथम दिन श्री सरस्वती स्तोत्रम् का विधि विधान से पाठ का वाचन पुजारी विजय कुमार छंगाणी के सानिध्य में किया जाएगा।
उत्सव के दूसरे दिन मां सरस्वती का विशेष पूजन एवं श्रृंगार पीले वस्त्र एवं विभिन्न तरह के पीले फूलों के माध्यम से किया जाएगा। साथ ही कॉपी और पेन का विधि विधान से पूजन करवाकर बालक-बालिकाओं में वितरण किया व पुराने मन्दिर के स्थान पर नव मन्दिर निर्माण हेतु भूमि पूजन भी किया जाएगा।