





Thar पोस्ट न्यूज। राजस्थान में अब सड़कों पर चलने वाले ऑटो-रिक्शा चालकों को निर्धारित वर्दी के साथ नाम का टैग भी लगाना अनिवार्य होगा। ऐसा नही होता है या नियमों को दरकिनार किया जाता है तो यातायात पुलिस अब जब्ती और चालान बनाने की कार्यवाही करेगी। प्रदेश में यातायात पुलिस की टीम ने विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। इस जब्त किए गए वाहन कोर्ट के आदेश पर ही छोड़ा जाएगा।





ब्यावर, जयपुर, अजमेर सहित अनेक जिलों में एक माह पूर्व ऑटो-रिक्शा चालकों को समझाइश की गई कि वे निर्धारित वर्दी पहनने के साथ पहचान के लिए उस पर नाम का टैग भी लगाएं। जिससे उनके रिक्शा में बैठने वाले यात्री को यह मालूम हो कि संबंधित रिक्शा चालक का नाम क्या है। यातायात पुलिस की टीम ने यातायात नियमों का पालन करते हुए बस स्टैंड, रेलवे स्टैंड सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों व मुख्य बाजार में बेतरतीब खड़े होकर यातायात व्यवस्था में अड़चन पैदा नहीं करने के लिए पाबंद भी किया था।
ई-रिक्शा के लिए भी लाइसेंस जरूरी
परिवहन विभाग के अनुसार ई-रिक्शा को विभाग की ओर से नंबर आवंटित होता है। जो ई-रिक्शा की बिक्री करते समय संबंधित डीलर ही विभाग से जारी कराता है। इसके अलावा इसे चलाने के लिए फिलहाल लाइट मोटर व्हीकल लाइसेंस का होना जरूरी है। यदि इसके अभाव में कोई रिक्शा चलाता है तो यह नियमानुसार गलत है। 1 माह बाद शुरू हुई जब्ती कार्रवाई एक माह पूर्व की गई समझाइश और पाबंदी बाद भी नहीं मानने वाले ऐसे ऑटो-रिक्शा चालकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है।