





Thar पोस्ट । एक बसर फिर अमेरिका में शटडाउन शुरू हो गया है। इसका असर सभी स्थानों पर होगा। अमेरिकी समय के मुताबिक आधी रात से शटडाउन लागू हो गया है। ट्रंप की पार्टी को सीनेट में अस्थायी फंडिंग बिल पास कराने के लिए कम से कम 60 वोटों की जरूरत थी, लेकिन सिर्फ 55 वोट ही जुट पाए। ऐसे में यह प्रस्ताव गिर गया है जो ट्रंप के लिए असहज स्थिति है। ट्रंप प्रशासन के पास अब जरूरी फंडिंग नहीं होगी जिसका साफ मतलब है कि कई संघीय कामकाज रुक सकते हैं। अमेरिकी कानून के तहत जब तक बजट या अस्थायी फंडिंग बिल पास नहीं होता, तब तक ‘गैर-जरूरी’ सरकारी विभागों और सेवाओं को बंद करना पड़ता है। इस स्थिति को ही शटडाउन कहा जाता है।





अमेरिकी सरकार के अलग-अलग विभागों को चलाने के लिए भारी मात्रा में फंड की जरूरत होती है। इसके लिए संसद (कांग्रेस) से बजट या फंडिंग बिल पारित कराना जरूरी होता है। लेकिन, जब राजनीतिक मतभेद या गतिरोध की वजह से फंडिंग बिल पारित नहीं हो पाता, तो सरकार के पास कानूनी रूप से खर्च करने के लिए फंड नहीं बचता। ऐसी स्थिति में अमेरिकी सरकार को अपनी गैर-जरूरी सेवाएं बंद करनी पड़ती हैं, जिसे सरकारी शटडाउन कहा जाता है।
2018 में ट्रंप के पिछले कार्यकाल के दौरान शटडाउन 34 दिनों तक चला था। इस बार खतरा और गंभीर माना जा रहा है, क्योंकि ट्रंप इसकी आड़ में लाखों कर्मचारियों की छंटनी और कई अहम योजनाओं को बंद करने की तैयारी कर सकते हैं। शटडाउन से ठीक पहले उन्होंने इसके संकेत भी दे दिए हैं।