





Thar पोस्ट न्यूज। बीकानेर में एक ऑडियो वीडियो वायरल होने के बाद उपजा विवाद थम नही रह। बीकानेर में आज जोरदार प्रदर्शन हुआ पूर्व मंत्री गोविन्दराम मेघवाल के नाम से होने वाले ऑडियो-विडियो वायरल विवाद को लेकर डूडी व मेघवाल समर्थक खुलकर आमने सामने हो गए है। डूडी समर्थकों ने बुधवार को गांधी पार्क से जिला कलक्टर कार्यालय तक पैदल मार्च कर विरोध प्रदर्शन करते हुए मेघवाल को पार्टी से हटाने की बात कही । उधर, गोविन्दराम समर्थकों ने भी नापासर रोड स्थित फार्म हाउस पर बैठक कर 5 अप्रेल को अपना पक्ष रखने के लिये बैठक आयोजित की। इससे पहले हाथों में बैनर और स्व.रामेश्वर डूडी के चित्र थामे ये प्रदर्शनकारी गांधी पार्क से रवाना हुए। इनमें जहां ज्यादातर समर्थक ‘रामेश्वर डूडी-अमर रहे नारे,’गोविंदराम हटाओ-कांग्रेस बचाओ नारे भी लगाए जा रहे थे।





कलेक्ट्रेट में जमकर प्रदर्शन करने के साथ ही वायरल वीडियो की जांच क रने की मांग उठाते हुए इस पर कार्रवाई करने की मांग उठाई। बाद में एसपी से मिले प्रतिनिधिमंडल ने ऑडियो-विडियो की जांच करवाने की मांग की। इस बीच गांधी पार्क में मधुमक्खियों ने प्रदर्शनकारियों पर हमला कर दिया। अचानक हुए मधुमक्खियों के इस हमले में एकबारगी अफरा तफ री मच गयी। लोग इधर उधर भागने लगे। कई लोगों को मधुमक्खियों ने काट लिया। कुछ लोगों ने पेड़ों के नीचे शरण ली तो कुछ लोग गाडिय़ों में बैठते हुए दिखाई दिए। वहीं कई जने इस बात को लेकर ठहाके लगाते नजर आएं कि गोविन्दराम ने यह हमला करवाया है।
आपको बता दे कि पूर्व मंत्री गोविन्दराम मेघवाल की आवाज वाला एक ऑडियो-विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें वे कद्दावर नेता रहे स्व.रामेश्वर डूडी को कांग्रेस की हार के लिए जिम्मेदार बताया गया है। इस ऑडियो विडियो में कांग्रेस के पूर्व मंत्री डॉ बी डी कल्ला, शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल को भी निशाना बनाया गया है। इस मामले में इतना तूल पकड़ लिया है कि शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदनगोपाल मेघवाल ने भी प्रेसवार्ता कर मामले की जांच करने की मांग रखी। विवाद के बीच पूर्वमंत्री गोविंदराम मेघवाल ने इसके पीछे भाजपा नेता और केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के पुत्र रविशेखर मेघवाल का हाथ होता बताया। ऐसे में रविशेखर मेघवाल ने भी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।प्रदर्शन के दौरान कचहरी परिसर में खड़े लोग भी इस प्रदर्शन को लेकर चर्चा करते दिखे। अनेक जने इसे भंवर कूकणा का शक्ति प्रदर्शन बता रहे थे।