Thar पोस्ट न्यूज। राजस्थान में रोडवेज घाटे से जूझ रही है। इस घाटे की व्यवस्था से उबारने के लिए राजस्थान मुख्यालय ने कार्रवाई शुरु की है। इसके लिए निगम ने परिचालकों पर सख्ती बरतते हुए निर्देश जारी किए हैं। अब हर माह तीन हजार किलोमीटर बस चलने के बाद ही वेतन दिया जाएगा। इसके साथ ही उनकी मनमर्जी पर अंकुश भी लगेगा और परिचालक तय रुट पर अपना सफर पूरा कर सकेंगे। इससे रोडवेज की आय बढ़ेगी मुसाफिरों पर विश्वास बना रहेगा। रोडवेज के प्रबंध निदेशक ने सभी डिपो प्रबंधकों के साथ वीसी के जरिए आदेश में स्पष्ट कहा कि परिचालकों का वेतन अब हर माह तय रूट पर चलने पर ही बनाया जाएगा। ऐसे में प्रदेश में सभी डिपो में परिचालकों को महीने में कम से कम तीन हजार किलोमीटर निर्धारित रूट पर बस चलाना अनिवार्य किया गया है। इससे कम किलोमीटर चलने पर वेतन नहीं बनेगा। इससे परिचालकों की मनमानी और फर्जीवाड़े पर अंकुश लगेगा।

रोडवेज के कई डिपो में परिचालकों के बिना किसी ठोस कारण पद के विपरीत काम करने की शिकायतें मिल रहीं थी। जिससे रोडवेज के डिपो तय लक्ष्य के अनुसार बसों का संचालन नहीं कर पा रहे थे। कई परिचालक तो महज कुछ किलोमीटर तक ही बस चलवा रहे थे।