Thar पोस्ट, न्यूज। भारत-पाक बॉर्डर के पास जैसलमेर में रेतीले धोरों पर भारतऔर मिस्र की सेना ने जॉइंट युद्धाभ्यास शुरू किया है। जिसे ‘एक्सरसाइज साइक्लोन- I’नाम दिया गया है। दोनों सेनाओं की यह स्पेशल ट्रेनिंग प्रोग्राम 14 दिनों तक चलेगा। भारतीय और मिस्र की सेना का यह अपनी तरह का पहला संयुक्त युद्धाभ्यास है। रेगिस्तानी इलाके में काउंटर टेररिज्म, रेड और अन्य स्पेशल ऑपरेशन पर दोनों सेनाओं का फोकस है।सेना के औपचारिक बयान में कहा गया है कि 14 जनवरी को शुरू हुए इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करना है। साथ ही आतंकवाद जैसे ऑपरेशंस से लड़ने के लिए प्रोफेशनल्स स्किल्स बढ़ाना है। इस युद्धभ्यास में रेगिस्तानी इलाके में प्रोफेशनल स्किल्स और विशेष बलों की अंतर-क्षमता को साझा करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। दोनों देशों के विशेष बलों को एक साझा मंच पर लाने का यह अपनी तरह का पहला अभ्यास है। दोनों सेनाओं की स्पेशल फोर्सेस की स्किल्स जैसे-स्नाइपिंग, कॉम्बैट फ्री फॉल, टोही और निगरानी गतिविधियों के साथ टारगेट आधारित निशाना लगाने, हथियारों की जानकारी साझा करने, उपकरणों, इनोवेशंस, युद्ध की रणनीति, तकनीक और प्रोसिजर को आपस में दोनों सेनाएं शेयर करेंगी।यह संयुक्त सैन्य अभ्यास दोनों सेनाओं की संस्कृति और लोकाचार में एक आंतरिक दृष्टिकोण देगा। इससे भारत और मिस्र के बीच डिप्लोमेटिक रिलेशन भी भविष्य में मजबूत होंगे। मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल सिसी का 24 जनवरी को भारत आने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। वह मिस्र के पहले राष्ट्रपति और 5वें मिडल ईस्ट लीडर होंगे, जो रिपब्लिक डे सेलिब्रेशन में चीफ गेस्ट के तौर पर मौजूद रहेंगे।