Thar पोस्ट। बीकानेर एक विचित्र शहर है। यहां एक इलाके का नाम काशनदी है तो एक गाँव का नाम छीला कश्मीर। बीकानेर परकोटे में एक इलाके का दृश्य यूरोप के वेनिस शहर की तरह है। वेनिस में दुनियाभर से पर्यटक सैर करने आते है। लेकिन बीकानेर का वेनिस गंदे नाले व इससे जुड़ी समस्याओं की परिणीति है। दरअसल, स्वतंत्रता सेनानी ब्रजू रतन व्यास (ब्रजू भा ) द्वार के नीचे और तीन वार्डो क्रमशः 44, 57, 58 के बॉर्डर पर मुख्य नाला जो नत्थूसर गेट से होता हुआ जनता प्याऊ श्रीरामसर की तरफ जाता हैं पूर्णतया क्षतिग्रस्त एवं सील्ट से लबालब है। इस कारण इन तीनो वार्डो की और से आने वाले गंदे पानी का प्रवेश नाले में न होकर सड़को पर पसरा पड़ा हैं जिससे वार्ड 57, 58 की सीमा पर निवास कर रहे निवासियों का घर से निकलना दुर्भर हो गया हैं तथा मुख्य रास्ता होने की वजह से आवागमन करने वालों का निकलना नही मुश्किल है। बीकानेर सेवा योजना के अध्यक्ष राजकुमार व्यास ने आज वहां पार्षद दुर्गादास छंगाणी को बुलाया तथा मौके की स्थिति से मोहल्ले वासियो द्वारा उनको अवगत करवाया गया। तब जाकर नगर निगम के कर्मचारियों द्वारा मशीन के माध्यम से कुछ प्रयास किया गया, किन्तु नाले की भयावह स्थिति के सामने उनके प्रयास नहीं के बराबर रहे, मुख्य नाला 200 मीटर में पूर्णतया डटा हैं साथ हीं क्षतिग्रस्त हैं जिसके कारण पानी की निकासी सम्भव नहीं, मुख्य नाला आम रास्ते की तरफ 20×20 खुला पड़ा हैं जिसकी गहराई 8 फुट हैं कभी भी बड़ा हादसा हो सकता हैं किन्तु मोहल्ले वासियो द्वारा अनेको बार लिखित मौखिक शिकायत के बावजूद समस्या यथावत है। मौके पर रक्तवीर जीं एस सारस्वत, अशोक ओझा,सुरेन्द्र जोशी,पी डी व्यास, शिव पवार के साथ अनेक मोहल्ला वासी उपस्थित थे।