Thar पोस्ट। राजस्थान में सीकर जिले में बंदर एक बीकानेर से घिर गए है। सभी मे यह बीमारी फैल रही है। सीकर व्यापार संघ के अध्यक्ष राधेश्याम पारीक ने ज्ञापन में बताया है कि बंदरों में एक दर्दनाक और जानलेवा बीमारी फैल हुई है, जिससे बंदरों के हाथ पैरों में छाले होकर घाव हो जाते हैं। फिर धीरे-धीरे उन घावों की वजह से बंदर तड़प तड़प कर मर जाते हैं।जिला प्रशासन, पशु चिकित्सालय, वन विभाग के उच्चाधिकारियों व जिला कलेक्टर से ज्ञापन में अपील की गई है कि इस ओर तत्काल ध्यान दिया जाए, जिससे बंदरों को सही समय पर दवा देकर व सही देखरेख से इस बीमारी से इनको निजात दिलाया जा सके। उन्होंने समाज सेवी संस्थाओं से भी आग्रह किया है कि इस विकट परिस्थिति में बंदरों की सहायतार्थ आगे आएं व बीमार बंदरों को सही समय पर सही उपचार देकर उनकी रक्षा की।सीकर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हर्ष पर बंदरों में फैली बीमारी यहां आने वाले पर्यटकों द्वारा बंदरों को मीठा खाना दिए जाने के कारण हुई है। यह कहना है पशुपालन विभाग के डॉक्टरों का। वहीं, डॉक्टरों में पर्यटकों से भी अपील करते हुए कहा है कि हर्ष पर्वत पर किसी भी बंदर को खाने के लिए मीठा खाद्य पदार्थ नहीं दें।
बंदरों के बचाव के लिए आगे आए व्यापारी:
सीकर व्यापार संघ के मुख्य संरक्षक मदन प्रकाश मावलिया, मोहरसिंह गौड़, पन्नालाल सारडा, राजेन्द्र खण्डेलवाल, पंकज बजाज, प्रेमप्रकाश सैनी, लक्ष्मीकांत बियाणी, निर्मल माटोलिया, संयोजक श्याम पारीक धोद, काशीप्रसाद माउका, लोकेन्द्रसिंह राठोड़, भावेश इन्दोरिया, गोविन्द अग्रवाल, महेन्द्र लोहिया, नन्दकिशोर काबरा, शम्भू जोगाणी, प्रकाश सोनी, बल्लभचन्द पारीक, एड. पुरुषोत्तम शर्मा, भीवाराम मील, बिजेन्द्र राणा, बजरंग सिंह शेखावत, दिनेश श्रीवास्तव, अशोक कलावटिया, नाथूराम ओला, जसवीर भूकर, पार्षद साबिर बिसायती, दीनदयाल शर्मा सहित समस्त सदस्य व्यापारियों ने ज्ञापन को समर्थन दिया है।