Thar पोस्ट, न्यूज। देश मे अब राजनीति गंदे दौर में पहुंच गई है। हालांकि राजनीति में सब जायज है। दिल्ली में आज MCD सदन में जो कुछ हुआ वह इतिहास में काले दिनों में लिखा जाएगा। पार्षद एक-दूसरे से मारपीट कर रहे थे। एक-दूसरे के बाल नोच रहे थे। अगर टीवी चैनलों पर टिकर और हेडलाइन में लिखा जाने वाला टेक्स्ट छुपा दिया जाए तो कोई कह नहीं सकता कि यह दिल्ली के पार्षदों के बीच लड़ाई हो रही है। हर कोई यही कहेगा कि MCD का सदन नहीं बल्कि किसी युद्ध का मैदान है, और इस जंग के मैदान में हद से ज्यादा मारकाट के बाद आखिरकार सदन को स्थगति कर दिया गया और स्टैंडिंग कमिटी का चुनाव भी रद्द कर दिया गया। अब इसके लिए 27 फरवरी को फिर से वोटिंग होगी।शुक्रवार को MCD सदन में स्टैंडिंग कमिटी के चुनाव के लिए लंच ब्रेक से पहले मतदान हुआ था, जिसमें 250 पार्षदों में से 242 सदस्यों ने वोट किया था। कांग्रेस के 9 पार्षदों में से 8 पार्षद अनुपस्थित रहे थे। एक पार्षद शीतल वेदपाल के वोट किया था। लंच के बाद चुनाव आयोग के प्रतिनिधियों ने काउंटिंग की, जिसमें 6 सीटों में से 3 पर बीजेपी के उम्मीदवार विजय बताये गए और 3 सीटों पर आप के उम्मीदवार। लेकिन इसी दौरान मेयर शैली ओबरॉय ने बीजेपी पार्षद के 1 वोट को अमान्य करार दिया और रीकाउंटिंग का आदेश दे दिया। बस यहीं से बवाल शुरू हो गया। बीजेपी ने मेयर के फैसले का विरोध करते हुए कहा कि जब चुनाव आयोग की टेक्निकल टीम रिजल्ट बनाकर दे चुकी है, वो जा चुके हैं तो फिर से काउंटिंग क्यों, और कौन करेगा रिकॉउंटिंग? सदन में दोनों पार्टियों के पार्षद एक-दूसरे पर जुबानी हमला कर रहे थे, लेकिन यह जुबानी जंग कब मारपीट में तब्दील हो गई किसी को पता ही नहीं चला। हंगामे की बीच आप के पार्षद अशोक कुमार मानू चक्कर खाकर सदन में ही गिर गए। उन्हें उनके साथी पार्षदों ने उठाकर एक मेज पर लिटाया और खुस ही प्राथमिक उपचार देना शुरू कर दिया। इसके बाद उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बीजेपी के पार्षदरूपी गुंडे इतने बेशर्म हैं कि इन्होने महिलाओं और मेयर तक पर हमला कर दिया।