Thar पोस्ट, न्यूज। गीतकार ग़ज़लकार राजेन्द्र स्वर्णकार पर जर्मनी में बनेगी डॉक्युमेंटरी फ़िल्म और प्रकाशित होगी शोधपरक पुस्तक।छंदकाव्य में अपनी विशिष्ट छवि और अपनी मौलिक धुनों में सस्वर काव्यपाठ के लिए विख्यात एवं लोकप्रिय, मीठे गले के छंदज्ञ गीतकार ग़ज़लकार कवि राजेन्द्र स्वर्णकार पर जर्मनी में बनेगी डॉक्युमेंटरी फ़िल्म । साथ ही प्रकाशित होगी शोधपरक पुस्तक ।
अब तक लगभग तीन हज़ार गीत ग़ज़ल छंदों के रचयिता और लगभग दो सौ से अधिक मौलिक धुनें बनाने वाले, हिंदी राजस्थानी उर्दू के काव्यसृजक, श्री राजेन्द्र स्वर्णकार एक बहुआयामी कलासाधक सृजक सरस्वतीआराधक हैं ।उनके काव्य वैशिष्ट्य को पहचानते हुए ‘संस्कार भारती’ के संस्थापक संचालक बाबा योगेन्द्रजी ने बहुत वर्ष पूर्व बीकानेर आने पर ‘बीकानेर संस्कार भारती’ का स्थायी साहित्य प्रभारी बनाया था । आपको ‘राष्ट्रीय कवि संगम’ और साहित्यिक सामाजिक सांस्कृतिक संस्था ‘समन्वय’ ने भी बीकानेर जिलाध्यक्ष पद पर मनोनीत किया था । लेकिन कला साहित्य एवं साधना को ही समर्पित श्री स्वर्णकार ने इन सब पदों से स्वयं को मुक्त करते हुए सृजन के लिए ही स्वयं को समर्पित रखने को प्राथमिकता देना उचित समझा ।
विविध छंदों में काव्यसृजन में सिद्धहस्त स्वर्णकार की प्रतिभा को देश के शीर्षस्थ कवियों ने सराहा है । आपकी अब तक दो काव्य पुस्तकें प्रकाशित हैं, जबकि पांच-सात पुस्तकें प्रकाशनार्थ तैयार हैं ।
श्री स्वर्णकार को पच्चीस वर्षों से आकाशवाणी दूरदर्शन सहित पचासों शहरों कस्बों में कवि सम्मेलनों में ससम्मान काव्यपाठ के लिए आमंत्रित किया जाता रहा है । आपको राजस्थान की चार चार भाषाओं (हिंदी राजस्थानी ब्रज और उर्दू ) की अकादमियों के कवि सम्मेलनों और मुशायरों में काव्यपाठ करने का गौरव प्राप्त है ।
इस प्रकार बहुमुखी प्रतिभा के धनी श्री स्वर्णकार कोई ढाई दशक से अपनी काव्य प्रतिभा का लोहा मनवाते आए हैं ।
श्री स्वर्णकार को काव्यपाठ के लिए अनजान अपरिचित लोगों द्वारा जगह जगह ससम्मान प्रायः बुलाया जाता रहा है । देश विदेश से प्रकाशित अनेक महत्वपूर्ण संकलनों में राजेन्द्र स्वर्णकार का परिचय और रचनाएं संकलित हैं ।