Thar पोस्ट, न्यूज। इतिहास के गवाह कैमरों व फोटो की अनूठी प्रदर्शनी 6 मई से
संभागीय आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक और वरिष्ठ फोटोग्राफर करेंगे प्रदर्शनी का उद्घाटन
बीकानेर नगर स्थापना दिवस पर राव बीकाजी संस्थान द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित होने वाले कार्यक्रमों का शुभारम्भ 6 मई को कैमरों व फोटोग्राफ्स की प्रदर्शनी के साथ होगा। इस वर्ष पहली बार बीकानेर के इतिहास में गवाह रहे कैमरों व फोटो की प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है। प्रदर्शनी के संयोजक वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट अजीज भुट्टा ने बताया कि इस प्रदर्शनी में पुराने, क्लासिक तथा तकनीक के विकास के साथ अस्तित्व में आये कैमरों को अवलोकन के लिये रखा जाएगा। प्रदर्शनी के लिये बीकानेर में कैमरों तथा फोटोग्राफी के प्रोफेश्नल, शौकिया तथा आम नागरिक भी बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि आम नागरिक भी अपने घर में सहेज कर रखे गये पुराने कैमरों को प्रदर्शनी में शामिल करने के लिये आगे आ रहे हैं। देशी तथा विदेशी कम्पनियों द्वारा दशकों पूर्व बनाये गये अनोखे कैमरे बड़ी संख्या में इस प्रदर्शनी रखे जा रहे हैं। भुट्टा ने बताया कि यह अपने आप में एक अनोखी प्रदर्शनी है, जिसमें पुराने कैमरों को देख कर अतीत में फोटोग्राफी कला के विकास को देखा जा सकेगा। कैमरों के साथ ही पुरानी तकनीक व पुराने कैमरों से लिये गये फोटो की प्रदर्शनी भी आयोजित की जायेगी। प्रदर्शनी संयोजक अज़ीज़ भुट्टा ने सभी महाविद्यालयो/विद्यालयों के संस्था प्रधानों से अपील की है कि वे अपने छात्रों को एक बार अवश्य ही प्रदर्शनी के अवलोकन के लिये लेकर आवें ताकि बीकानेर की नयी पीढ़ी भी कैमरों के इतिहास को जान व समझ सके।
प्रदर्शनी के सह संयोजक डाॅ. मोहम्मद फारूख चैहान ने बताया कि इस प्रदर्शनी का उद्घाटन 6 मई को प्रातः 10 बजे संभागीय आयुक्त श्रीमती वंदना सिंघवी, पुलिस महानिरीक्षक श्री ओमप्रकाश और बीकानेर के वरिष्ठ फोटोग्राफर करेंगे। प्रदर्शनी 6 से 8 मई को प्रातः 10 बजे से रात्रि 8 बजे तक आमजन के अवलोकन के लिये खुली रहेगी।
बीकानेर स्थापना दिवस पर 18 विभूतियो का होगा सम्मान बीकानेर। बीकानेर नगर के स्थापना दिवस के अवसर पर राव बीकाजी संस्थान द्वारा जिला प्रशासन के निर्देशन में चार दिवसीय कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
डाॅ. गिरिजा शंकर शर्मा ने बताया कि कार्यक्रमों की श्रृंखला का आरम्भ महारानी सुदर्शन कला दीर्घा में कैमरा एवं फोटो प्रदर्शनी के साथ 6 मई को होगा। इसके उपरान्त अन्तर्राष्ट्रीय निशानेबाज महाराजा करणी सिंह जी की जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर उनकी स्मृति में 7 मई को महाराजा नरेन्द्र सिंह ऑडिटोरियम में बीकानेर की खेल उपलब्धियों पर विशेषज्ञों के साथ एक संगोष्ठी का आयोजन होगा। इसी श्रृंखला में 8 मई को हिंदी, उर्दू व राजस्थानी के कवियों की प्रस्तुतियों से सराबोर कवि सम्मेलन एवं मुशायरे का आयोजन होगा।
राव बीकाजी संस्थान के महामंत्री श्री विद्यासागर आचार्य ने बताया कि इस वर्ष बीकानेर अपनी स्थापना के 537वें वर्ष में प्रवेश करेगा। बीकानेर के संस्थापक राव बीकाजी की प्रतिमा स्थल पर प्रतिमा की पूजा, मंगलाचरण के साथ अवार्ड वितरण समारोह आयोजित किया जायेगा। बीकानेर कला, साहित्य, सांस्कृतिक वैभव व परम्पराओं को निभाने वाला शहर है। राव बीकाजी संस्थान की ओर से प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी बीकानेर नगर स्थापना दिवस के अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान प्रदान करने वाली बीकानेर की विभूतियों को अवार्ड प्रदान किये जायेंगें।
संस्थान के सचिव श्री नरेन्द्र सिंह स्याणी ने बताया कि इस वर्ष बीकानेर के गौरव को बढाने वाली आईएएस परीक्षा में चयनित हुई बीकानेर की बेटी खुशहाली सोलंकी को श्री करणी माता अवार्ड सम्मानित किया जायेगा। बीकानेर की धरती से निकल कर पूरी दुनिया मे अपनी गायकी का लोहा मनवाने वाले प्रख्यात गायक श्री राजा हसन को राव बीकाजी अवार्ड से नवाजा जायेगा। इनके साथ ही शिक्षाविद् एवं मोटिवेशनल स्पीकर श्री किशोर सर को बीकाणा अवार्ड, वरिष्ठ पत्रकार श्री धीरेन्द्र आचार्य को महाराजा राय सिंह अवार्ड, वरिष्ठ रंगकर्मी श्री अशोक जोशी को अज़ीज़ आज़ाद स्मृति अवार्ड, वरिष्ठ संगीतज्ञ श्री ज्ञानेश्वर सोनी को महाराजा अनूप सिंह अवार्ड, शतरंज खेल प्रशिक्षक श्री हर्षवर्धन हर्ष को महाराजा करणी सिंह अवार्ड, हिंदी, उर्दू व राजस्थानी के साहित्यकार श्री गुलाम मोहियुद्दीन माहिर को प.विद्याधर शास्त्री अवार्ड, श्री संजय आचार्य ‘वरूण‘ को जनकवि बुलाकीदास बावरा अवार्ड, डाॅ. सीमा भाटी को राजमाता सुशीला कुमारी स्मृति अवार्ड, श्री निर्मल कुमार शर्मा का राव बीदा जी अवार्ड, श्री मनीष कुमार जोशी को बीकाणा अवार्ड प्रदान किये जायेंगे। इनके साथ ही संस्कृतिकर्मी श्रीमती ज्योति स्वामी को देश दीवान राव दुले सिंह बीदावत अवार्ड, साफा विशेषज्ञ श्री कृष्ण चन्द्र पुरोहित को बीकाणा अवार्ड, राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त पतंगबाज श्री ओम सिंह को राव बेलोजी पड़िहार अवार्ड, आयुर्वेद चिकित्सक डाॅ. सुधांशु व्यास को पीर गोविन्द दास अवार्ड व अन्तर्राष्ट्रीय बीयर्ड अवार्डी श्री चन्द्र प्रकाश व्यास को अमर कीर्ति अवार्ड से सम्मानित किया जायेगा। इस वर्ष उत्कृष्ट सामाजिक सेवा करने वाली संस्था खुदाई खिदमतगार कमेटी को संस्थागत सम्मान महाराजा गंगा सिंह अवार्ड प्रदान किया जायेगा।
मुख्य समारोह के संयोजक श्री अभिषेक आचार्य ने बताया कि कार्यक्रमों की तैयारी आरम्भ कर दी गई है। नगर विकास न्यास तथा नगर निगम द्वारा प्रतिमा स्थल से संबंधित कार्यों का आकलन किया गया है। देवस्थान विभाग द्वारा नगर स्थापना दिवस पर श्री करणी माता मंदिर देशनोक तथा श्री लक्ष्मीनाथ मंदिर बीकानेर में विशेष पूजा अर्चना तथा प्रसाद वितरण का आयोजन किया जायेगा। इसके साथ ही राय सिह जी ट्रस्ट द्वारा मुख्य समारोह में बीकाजी प्रतिमा पूजन व शाही बैण्ड की प्रस्तुति दी जाएगी।
बीकानेर की लोक कला एवं लोक संस्कृति समृद्ध विरासत-नम्रता वृष्णि
राजस्थानी साफा, पाग-पगड़ी, कला-संस्कृति संस्थान एवं थार विरासत द्वारा नगर स्थापना दिवस कार्यक्रमों की श्रृंखला में पांँच दिवसीय ‘उछब थरपणा’ समारोह के तहत शुक्रवार को नत्थूसर गेट के बाहर स्थित नालन्दा सृजन सदन में चंदा-कला एवं बीकानेर की विभिन्न कलाओं की प्रदर्शनी का उद्घाटन हुआ। समारोह की मुख्य अतिथि जिला कलेक्टर श्रीमती नम्रता वृष्णि ने फीता खोलकर इसका उद्घाटन किया।
इस अवसर पर जिला कलेक्टर ने कहा कि बीकानेर की लोक कला एवं लोक संस्कृति अत्यंत समृद्ध विरासत है। बीकानेर में कला एवं साहित्य की समृद्ध परंपरा रही है। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से इन कलाओं को नई पीढ़ी तक ले जाने का सकारात्मक प्रयास हो रहा है। इसके लिए आयोजक संस्था एवं कलाकार साधुवाद के पात्र है। उन्होंने कहा कि बीकानेर कला जगत सच्चे अर्थो में आगे बढ़ रहा है, नवाचार लिए हुए बीकानेर का कला वैभव इसका उदाहरण है।
जिला कलेक्टर ने करीब 30 कलाकारों की लोकचित्र, यर्थाथ और आधुनिक कला से संबंधित एक-एक कलाकृतियों को गौर से देखा। उन्होंने कलाकारों से संवाद किया। इससे कई तरह की कला संबंधी नवीन जानकारियां साझा हुई और बीकानेर के कला वैभव को राष्ट्रीय फलक तक ले जाने के लिए पर चर्चा हुई।
विशिष्ट अतिथि साहित्यकार कमल रंगा ने कहा कि बीकानेर के कला विशेषज्ञों ने अपनी कला के माध्यम से एक ओर जीवन के यर्थाथ और मानवीय संवेदनाओं को उकेरने का कार्य किया है, वहीं रंगों के माध्यम से सम्पूर्ण प्रकृति के साथ मरु वैभव को अपनी-अपनी कला शाखाओं के माध्यम से प्रस्तुत किया है।
सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के सहायक निदेशक हरि शंकर आचार्य ने कहा कि ‘उछब थरपणा’ समारोह के माध्यम से किए गए नवाचार नई पहल है। उन्होंने कहा ऐसे कार्यक्रम बीकानेर कला जगत में नए आयाम स्थापित करेगा।
प्रारंभ में संस्कृतिकर्मी राजेश रंगा ने स्वागत उद्बोधन दिया।
इस अवसर पर कृष्णचंद पुरोहित एवं राजेश रंगा ने अतिथियों को बुके, साफा एवं शॉल ओढाकर अभिनंदन किया। बाल कलाकार कृतिका रंगा ने जिला कलेक्टर का स्वागत किया।
इस अवसर पर डॉ. मोना सरदार डूडी की कुरेचन कला, धर्मा स्वामी मॉडर्न आर्ट, महावीर रामावत पेन्सिल पोट्रेट, कृष्णचंद पुरोहित साफा पगडी कला, योगेन्द्र पुरोहित इन्स्टोलेशन आर्ट, कमल किशोर जोशी पोट्रेट कला, रामकुमार भादाणी सुनहरी कलम, रवि उपाध्याय यर्थाथ आर्ट, फराह कन्टेम्परी आर्ट, प्रिया मारू दृश्य कला, सैफ अली उस्ता उस्ता आर्ट, संगीता चौधरी मिनियचर आर्ट, गणेश रंगा पेन्सिल आर्ट, केशव जोशी लीफ आर्ट, पुलकित हर्ष पेन्सिल आर्ट, भूमिका रांकावत मण्डाला आर्ट, कृष्णकांत व्यास वुडन आर्ट, मुकेश जोशी सांचीहर मॉडर्न आर्ट, मंशा रावत लिपन आर्ट, योगेश रंगा पिछवाई आर्ट, मुस्कान मालु कनटेम्परी आर्ट, तनिशा निर्वाण मॉर्डन आर्ट, मोहित पुरोहित चन्दा आर्ट, आदित्य चन्दा आर्ट, मयंक रामावत डिजिटल आर्ट, दिनेश नाथ लेंडस्केप आर्ट, निकिता सारण चारकोल आर्ट को कला प्रेमियों द्वारा अवलोकन किया गया।
कार्यक्रम में गोपीकिशन छंगाणी, मदन मोहन ओझा, हरिनारायण आचार्य, हेमलता व्यास, कार्तिक मोदी, भवानीसिंह, तोलाराम सारण, वासु, घनश्याम ओझा, अशोक शर्मा, आशीष रंगा, दिनेश व्यास आदि मौजूद रहे। कला विशेषज्ञ कृष्णचंद, संचालन ज्योति प्रकाश रंगा ने किया।