MLA vyas west bikaner

Thar पोस्ट, न्यूज। कांग्रेस के शासन में कार्य आदेश होने के बावजूद कार्य को रोकना अप्रासंगिक – यशपाल गहलोत। विगत कांग्रेस सरकार द्वारा बीकानेर शहर की मुलभूत समस्या कोटगेट और सांखला रेलवे फाटक की समस्या का निदान करते हुए अंडर पास हेतु राशि और कार्यादेश जारी होने के बाद भी अब तक काम चालू ना करने के विरोध स्वरूप आज एक शिष्टमंडल ने जिला कलेक्टर से वार्ता कर ज्ञापन दिया। ।संगठन महासचिव नितिन वत्सस ने बताया शिष्टमंडल का नेतृत्व पूर्व मंत्री डॉ बुलाकीदास कल्ला और जिला अध्यक्ष यशपाल गहलोत ने किया

कल्ला ने ज्ञापन के बाद जिला कलेकटर से कहा की जिस कार्य की राशि स्वीकृत कर उसकी उसके लिए अधिकारी नियुक्त कर दिया गया है उसको रोकना गलत है और ये समस्या किसी कांग्रेस या भाजपा की नही आमजन की है उसके लिए स्वार्थ पूर्ण राजनीति उचित नहीं जल्द ही उसका कार्य चालू करे वरना कोई और कदम उठाना पड़ेगा क्योंकि आमजनता की तकलीफों को दूर करना कांग्रेस अपना धर्म मानती है

जिला अध्यक्ष यशपाल गहलोत ने कहा की कार्य आदेश जारी हो चुके है फिर किसी व्यक्ति के कहने मात्र से इस कार्य को रोकना गलत है आप जल्द से जल्द इस कार्य को चालू करवाए वरना कांग्रेस को कठोर कदम उठाकर जनांदोलन का रुख अख्तियार करना पड़ेगा।

प्रवक्ता विकास तंवर ने बताया की शिष्टमंडल में प्रदेश महासचिव जिया उर रहमान आरिफ, उपाध्यक्ष श्रीलाल व्यास पार्षद जावेद पडिहार, महासचिव विक्की चड्ढा, राहुल जादुसंगत, कर्नल शिशुपाल सिंह इंटक नेता महेंद्र देवड़ा, ओमप्रकाश वाल्मीकि, महिला नेत्री मुमताज शेख, वंदना गुप्ता, सचिव मनोज चौधरी, सफी खान, श्याम कुमार तंवर, दिनेश कल्ला, जीतू नायक, किशन तंवर, किशन ओझा उर्फ घंटी, नूर मोहम्मद नागौरी, मैक्स नायक, सुरेश वाल्मिकी, माणक जी सहित कांग्रेस पद्दाहिकार शामिल थे।

पूर्व मंत्री द्वारा कोटगेट फाटक अंडर पास को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन देना सिर्फ पब्लिसिटी स्टंटविधायक व्यास ने कहा, 43 साल के राजनैतिक जीवन, छह बार की विधायकी और 24 साल मंत्री रहने के बावजूद डॉ. कल्ला नहीं करवा पाए समस्या का समाधान, अब लेना चाहते जनता की सहानुभूति। पूर्व मंत्री डॉ. बीडी कल्ला द्वारा कोटगेट रेलवे फाटक पर अंडर ब्रिज बनाए जाने को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिए जाने को बीकानेर (पश्चिम) विधायक जेठानंद व्यास ने पब्लिसिटी स्टंट बताया है।
विधायक ने कहा कि डॉ. कल्ला छह बार विधायक रहे और हमेशा रेलवे बाईपास को ही बेहतर विकल्प बताते रहे। विधायक के तौर पर अपने छठे कार्यकाल के अंतिम बजट में अंडर पास के लिए आनन-फानन में बजट स्वीकृत करवाया। इसके बाद भी छह माह तक उनकी सरकार रही लेकिन इच्छा शक्ति के अभाव में यह काम एक कदम आगे नहीं बढ़ पाया। यह खुद पूर्व मंत्री ने ही स्वीकार किया है कि कोई ठेकेदार इसके लिए आगे नहीं आया, क्योंकि तकनीकी तौर पर प्रथम दृष्टया यह अनुकूल और स्थाई उपाय नहीं है।
विधायक व्यास ने कहा कि नई सरकार बनने के साथ ही उन्होंने इस मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसद से इस संबंध में चर्चा की। तात्कालिक संभागीय आयुक्त, डीआरएम और जिला कलेक्टर से भी इसके स्थाई समाधान के लिए बातचीत कर चुके हैं। वर्तमान में पिछले डेढ़ माह से आचार सहिता प्रभावी है और इस संबंध में कोई कार्यवाही नहीं हो सकती, इसके बावजूद इतने वरिष्ठ नेता द्वारा ज्ञापन देना और प्रशासनिक अधिकारियों से मिलना समझ से परे है। उन्होंने कहा कि कोटगेट रेलवे फाटक की समस्या का स्थाई समाधान सरकार और उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता में है। लोकसभा चुनाव प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद इस संबंध में कार्यवाही की जाएगी और केंद्रीय रेल मंत्रालय के साथ राज्य सरकार को भी इस संबंध में आग्रह करते हुए सर्वोच्च और स्थाई विकल्प को चुना जाएगा।