





Thar पोस्ट। यूरोपीय देशों में भीषण बर्फबारी से खुद को बचाने का जतन करते हुए हजारों पक्षी राजस्थान में प्रवास करते है। गुनगुनी धूप में इन प्रवासी पक्षियों ने अति ठंडे इलाकों से लंबी उड़ान भरकर स्वर्ण नगरी को अपना अस्थायी बसेरा बनाया है। बीकानेर के जोरबीड, जैसलमेर जोधपुर सहित अन्य जिलों में भारी संख्या में ये पहुंचे है। सिनेरियस गिद्ध और यूरेशियन गिद्ध आमतौर पर ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, स्पेन, मंगोलिया और आस-पास के बर्फीले पहाड़ी क्षेत्रों में पाए जाते हैं. सर्दियों में भोजन और अनुकूल तापमान की तलाश में ये गिद्ध अपनी भौगोलिक सीमाएं तथा कम मानवीय हस्तक्षेप और भोजन की उपलब्धता के कारण गिद्धों के लिए राजस्थान सुरक्षित ठिकाना बनता जा रहा है. बीकानेर के साथ ही जैसलमेर का देगराय ओरण में एक साथ 300 से अधिक शिकारी गिद्ध पहुंचे है। जानकारों के मुताबिक यूरेशियन ग्रिफन पक्षी बहुत सामाजिक होते हैं और अक्सर बड़े समूहों में उड़ते हैं. इनकी नजर इतनी तेज होती है कि 5-7 किलोमीटर की ऊंचाई से भी ये जमीन पर पड़े भोजन को पहचान लेते हैं. इनकी गर्दन लंबी और सफेद रोएं से ढकी होती है जबकि शरीर का बाकी हिस्सा रेतीले या हल्के भूरे रंग का होता है। बीकानेर के जोरबीड में शिकारी पक्षियों के साथ ही अन्य खूबसूरत पक्षी देखे जा रहे है। जनवरी में यहां बर्ड फेस्टिवल भी आयोजित होगा।




