ताजा खबरे
नीला ड्रम हत्याकांड में फांसी की सजाबीकानेर में नए डाक क्षेत्रीय कार्यालय को स्वीकृति, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के प्रयास सार्थकराजस्थान : प्लेन हाईजैक अलर्ट के बाद इमरजेंसी लैंडिंगबीकानेर के तीन गोल्फर अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट में करेंगे भारत का प्रतिनिधित्वतीन दिन मौसम फिर बदलेगापूर्व सीएम अशोक गहलोत के बीकानेर दौरे की खास बातेंपूर्व सीएम अशोक गहलोत के कार्यक्रम में बदलावखारी चारणान की छात्राओं ने जगाई मतदाता जागरूकता की अलखमहाराजा गंगा सिंह के दूरदर्शी नेतृत्व, जनकल्याण और आधुनिक बीकानेर के विकास में उनके योगदान को किया यादचुनाव : कांग्रेस व भाजपा ने इन्हें उतारा मैदान में
IMG 20241023 101608 1 बीकानेर के युवक की रूस-यूक्रेन युद्ध में मौत, युवक के साथ हुआ धोखा Rajasthan News Portal बीकानेर अपडेट
Share This News

Thar पोस्ट। बीकानेर जिले के अर्जुनसर गांव निवासी 22 वर्षीय अजय गोदारा की रूस-यूक्रेन युद्ध में मौत हो गई। जबकि वह अनेक बार वीडियो जारी कर कह चुका था कि उसकी जान की खतरा है। उसे धोखे से रूसी सेना में भर्ती कर युद्ध के मोर्चे पर भेज दिया गया। अजय का शव बुधवार को दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचा, जहां से परिजन उसे गांव लेकर आए और अंतिम संस्कार किया गया। परिवार का आरोप है कि शव पूरी तरह सड़ चुका था और इतनी खराब हालत में था कि परिजनों को ठीक से दिखाने तक नहीं दिया गया। मौत कब और कैसे हुई, इसकी भी कोई स्पष्ट जानकारी परिवार को नहीं दी गई। अजय नवंबर 2024 में मॉस्को में भाषा कोर्स की पढ़ाई के लिए गया था। परिवार से उसकी आखिरी बातचीत 22 सितंबर को हुई थी। इसके बाद अजय ने दो वीडियो भेजे, जिनमें उसने बताया कि उसे और उसके साथियों को ट्रेनिंग के बहाने रूसी सेना में शामिल कर सीधे युद्ध क्षेत्र में भेज दिया गया। हवाई हमले और मिसाइलें दागी गईं। चार लोगों के समूह में एक की मौत हो गई, दो भाग गए और वह रास्ता भटक गया। आठ दिन बाद उसे खोजकर फिर सेना को सौंप दिया गया। उसने बताया कि वह सेलिडोज सिटी में है, जो यूक्रेन का वह हिस्सा है, जिस पर रूस का कब्जा है। वीडियो में उसने कहा था कि उनके साथ धोखा किया गया है।

वीडियो सामने आने के बाद परिवार लगातार अजय को भारत वापस लाने के प्रयास करता रहा। इस दौरान परिजनों ने केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल से भी मुलाकात कर मदद की गुहार लगाई थी पढ़ाई के सपनों के साथ रूस गया था लेकिन एजेंटों के धोखे में फंसकर युद्ध का शिकार बन गया। परिवार ने सरकार से मांग की है कि ऐसे फर्जी एजेंटों पर सख्त कार्रवाई की जाए और रूस-यूक्रेन युद्ध में फंसे अन्य भारतीय युवाओं को सुरक्षित भारत लाया जाए।


Share This News