Thar पोस्ट न्यूज। प्रदेश भाजपा की गुटबाज़ी सामने आ गई है। बीजेपी की प्रदेश कार्यकारिणी की प्रस्तावित सूची एक बार फिर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कइयों के हाथों से तोते उड़ गए है।। प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए साफ किया कि यह उनकी ओर से जारी सूची नहीं है और यह केवल प्रस्तावित नामों की लिस्ट है। उन्होंने कहा कि यह जांच की जाएगी कि आखिर यह सूची कहां से लीक हुई ? मदन राठौड़ को प्रदेशाध्यक्ष बने एक साल से ज्यादा समय हो गया है लेकिन वे अब तक अपनी टीम का गठन नहीं कर पाए हैं। इस दौरान कार्यकारिणी लीक होने का सिलसिला लगातार जारी है। हाल ही में जयपुर शहर की कार्यकारिणी की घोषणा भी मीडिया पर वायरल हुई थी, जिसे कुछ ही देर बाद डिलीट कर दिया गया। इसी तरह प्रदेश युवा मोर्चा की कार्यकारिणी भी पहले जारी हुई लेकिन 53 मिनट बाद वापस ले ली गई।

जानकारों के मुताबिक 1 अगस्त को जयपुर शहर बीजेपी की कार्यकारिणी घोषित हुई थी, लेकिन केवल 27 मिनट बाद ही उसे डिलीट कर दिया गया। कारण बताया गया कि कंप्यूटर ऑपरेटर की गलती से यह सूची सोशल मीडिया पर शेयर हो गई। दिलचस्प बात यह रही कि उस सूची में शामिल 34 नेताओं में से 22 सिफारिशी बताए जा रहे थे।

प्रदेश बीजेपी कई गुटों में बंटी हुई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया के अलग-अलग गुट हावी हैं। इसके अलावा केंद्रीय नेताओं के अपने-अपने गुट हैं। इसी वजह से सभी गुटों को साधते हुए कार्यकारिणी की घोषणा करना संगठन के लिए आसान नहीं हो रहा है। इस स्थिति से कार्यकर्ताओं में असंतोष और नाराजगी बढ़ रही है क्योंकि लगातार सूचियां जारी होकर वापस ली जा रही हैं और महीनों से कार्यकारिणी गठन का इंतजार किया जा रहा है।