





Thar पोस्ट न्यूज। इस बार गणेश चतुर्थी महोत्सव 27 अगस्त से शुरू होगा। वैदिक पंचांग के अनुसार, भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि का आरंभ 26 अगस्त 2025 को दोपहर 1 बजकर 55 मिनट पर होगा। वहीं, भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि का समापन अगले दिन यानी 27 अगस्त को शाम 4 बजकर 32 मिनट पर होगा। ऐसे में इस साल गणेश चतुर्थी 27 अगस्त को मनाई जाएगी। इस साल गणेश चतुर्थी का पर्व 27 अगस्त से शुरू होकर 6 सितंबर 2025 तक चलेगा। गणेश चतुर्थी पर पूजा का शुभ मुहूर्त 27 अगस्त 2025 को सुबह 11 बजकर 06 मिनट से दोपहर 1 बजकर 40 मिनट तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मध्याह्न काल का समय भगवान गणेश की पूजा के लिए सबसे शुभ माना जाता है। धार्मिक मत है कि इसी समय श्री गणेश का जन्म हुआ था।





गणेश चतुर्थी के दिन पूजा और गणेश जी की स्थापना मध्याह्न मुहूर्त में ही करें। क्योंकि गणेश पूजन के लिए यह समय सबसे शुभ माना गया है। इस दिन एक साफ चौकी पर पीला या लाल कपड़ा बिछाएं। फिर उस पर भगवान गणेश की मूर्ति रखें। फिर उस पर अक्षत (चावल), हल्दी, कुमकुम और सुपारी अर्पित करें। उसके बाद गणपति जी के दाहिनी ओर एक तांबे या पीतल के कलश में शुद्ध जल भरकर रखें। गणेश जी के साथ ऋद्धि-सिद्धि स्वरूप दो सुपारियां भी रखें। स्थापना के समय ‘अस्य प्राण प्रतिष्ठां तु, अस्य प्राणा: क्षरंतु च। श्री गणपते त्वं सुप्रतिष्ठ वरदे भवेताम॥’ मंत्र का जाप करें। इसके बाद भगवान गणेश को गंगाजल से स्नान कराएं और उन्हें फूल, दूर्वा, माला, मोदक और भोग अर्पित करें। उनकी आरती करें।