





Thar पोस्ट न्यूज। फ्रांस इस समय हीटवेव की चपेट में है. देश की पर्यावरण एजेंसी के मुताबिक जून का महीना 1900 के बाद से दूसरा सबसे गर्म जून रहा. फ्रांस के दूसरे सबसे बड़े शहर मार्से में तापमान 41.3°C तक पहुंच गया जो इस बार की हीटवेव का सबसे ऊंचा रिकॉर्ड है.इटली की गर्मी अब उसकी ‘रोमांटिक समर’ वाली पहचान को पीछे छोड़ चुकी है. लाज़ियो, टस्कनी, सिसली, कालाब्रिया, पुग्लिया और उम्ब्रिया जैसे इलाकों में गर्मी के चलते दोपहर के समय खुले में काम पर रोक लगा दी गई है. कई ट्रेड यूनियन इस नियम को पूरे देश में लागू करने की मांग कर रही हैं.





स्पेन भी पीछे नहीं है. दक्षिणी शहर सेविले में तापमान 42°C तक जा पहुंचा है. देश के मध्य और दक्षिणी इलाकों में टूरिस्ट और लोकल्स गर्मी से बुरी तरह प्रभावित हैं. वहीं, ग्रीस में हालात और चिंताजनक हो चुके हैं. जब तापमान 40°C के करीब पहुंचा, तो एथेंस के दक्षिण में जंगलों में भीषण आग लग गई। जानकार मानते हैं कि ये मानव-जनित जलवायु परिवर्तन का भी सीधा नतीजा है. खासकर शहरी इलाकों में जहां बिल्डिंग, कंक्रीट और सड़कों की वजह से गर्मी फंस जाती है. जिसे अर्बन हीट आइलैंड इफेक्ट कहा जाता है।