Thar पोस्ट न्यूज। ऐतिहासिक सूरसागर की दीवार बीती रात हुई बारिश का दबाव नहीं झेल सकी और तालाब की तरफ ढह गई। ख़तरे को भांपते हुए इस रास्ते को बंद कर दिया गया है। पुलिस तैनात है। सड़क के अन्य हिस्से पर भी दरार है। यह रास्ता जूनागढ़ के सामने फोर्ट डिसपेंसरी से होकर धोबीधोरा से होते हुए हनुमानहत्था व बारह महादेव मंदिर की ओर जाते हुए आगे नगर निगम के सामने निकलता है। बारिश के दिनों या तेज़ बारिश में ऊंचाई पर स्थित धोबीधोरा को छोड़ नगर निगम के सामने, सूरसागर फोर्ट डिस्पेंसरी के पास पानी एकत्र हो जाता है। इसका दबाव तालाब की दीवारों पर रहता है। रियासतकाल में सूरसागर का निर्माण हुआ था तब खुदाई के दौरान तालाब की मिट्टी को एक और डाला गया। जिससे ऊंचाई का एक स्थान विकसित हुआ। इसके नजदीक ही धोबी घाट होने से इसका नाम धोबीधोरा हुआ। हालांकि अब इस इलाके में राजपूत डेरों, मकानों के साथ शर्मा कॉलोनी, लखावत व्यास चौक आदि हैं। सूरसागर तालाब के इस हिस्से में कई बार सौन्दर्यन व नवीनीकरण का कार्य हो चुका, लेकिन अंदर से यह जर्जर व रेतीली है। इसके चलते एक बड़ा खतरा हमेशा बना रहता है।