Thar पोस्ट। सूरसागर तालाब के पास रहने वाले लोगों ने वर्षों तक गंदे पानी व वातावरण का दंश झेला। एक दशक पहले यहां लोगों के आभूषण तक काले हो जाते थे, कारण था अम्लीय वातावरण। बाद में तालाब साफ हुआ, लेकिन नजदीक कोई ठोस निर्माण व कार्रवाई नहीं होने से तेज़ बारिश में यहाँ खतरा बना रहता है। बीती रात में दीवार ढहने व सड़क तिड़कने के बाद लोगों लोगों का आक्रोश फुट पड़ा। जहाँ सड़क तिड़की है वहा से कुछ फुट की दूरी पर लोगों के मकान है। आज वहां मौक़े पर पहुँचे तहसीलदार सहित एक अन्य अधिकारी को पम्प हाउस में गुस्साए लोगों लॉक कर दिया। हालांकि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर लोगों को हिरासत में ले लिया। इससे पहले गुस्से में लोगो ने झील के पास बने पम्प हाउस पर ताला जड़ दिया। इस दौरान पुलिस के साथ पार्षद आनन्द सिंह सोढ़ा, महेन्द्र बड़गुज़र व अन्य लोगो की पुलिस के साथ तनातनी हुई। नाराज पार्षद पम्प हाउस के गेट पर बैठे गए। बाद में पुलिस ने विरोध कर रहे पार्षद  को गाड़ी में डाला व साथ ले गई। सवाल यह है कि यह इलाका आखिर कब तक इस समस्या का दंश झेलेगा? कई मोहल्लों व गलियों से जुड़ा यह मार्ग इतना जर्जर है की कभी भी हादसा हो सकता है। तालाब के अंदर की दीवार देखने मात्र से पता चल जाता कि अंदर से यह कितनी कमजोर है। इसी से यह सड़क जुड़ी है। इस मामले में ठोस कार्रवाई की जरूरत है।