Thar पोस्ट। गुजरात में बिपरजॉय तूफान से भारी नुकसान हुआ है। मौसम पूर्वानुमान व हाईटेक तकनीक के चलते एक लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया। इससे जनहानि कम हुई। राज्य के 8 जिलों में तूफान तबाही के निशान छोड़ गया। बिजली के पोल, पेड़ कच्चे मकान धराशाही हो गए। जखौ तट से टकराने के बाद गुजरात में भारी नुकसान हुआ। इसका असर कच्छ-सौराष्ट्र 8 जिलों में रहा। जानलेवा तूफान के कारण भावनगर में 2 लोगों की मौत हुई। 22 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। गुजरात के कच्छ में मांडवी, नलिया, नारायण सरोवर, जाखौ बंदर, मुंद्रा और गांधीधाम, अहमदाबाद समेत पूरे राज्य में तेज बारिश हो रही है। 90 से 125 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। पूरे मांडवी में 18 घंटे से बिजली नहीं है। पिछले 24 घंटों में कच्छ में 2 से 7 इंच बारिश हुई है। 94 हजार से ज्यादा लोगों को तटीय इलाकों से रेस्क्यू किया गया था। कोस्ट गार्ड ने 15 जहाज और 7 एयरक्राफ्ट तैयार रखे थे। NDRF की 27 टीमें भी तैनात थीं। पीएम मोदी ने गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल से बात की और स्थिति की जानकारी ली थी। इसके बाद पटेल स्टेट कंट्रोल रूम भी पहुंचे थे।
राजस्थान में आज प्रवेश : गुजरात से गुजरने के बाद यह राजस्थान में एक डिप्रेशन वाले मौसमी सिस्टम की तरह प्रवेश करेगा। इस दौरान कई इलाकों में 10 से 20 सेमी तक बारिश होने के आसार हैं।मौसम विभाग के मुताबिक, गुजरात के साथ दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के कई इलाको में शुक्रवार को भारी बारिश होगी। ऐसा अनुमान है कि शुक्रवार दोपहर तक तूफान कमजोर पड़ जाएगा। हालांकि शनिवार को भी इसका असर राजस्थान में देखा जा सकता है। रविवार को पूर्वी राजस्थान, उससे सटे हरियाणा, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है।