Thar पोस्ट। गुजरात में तूफान के लैंडफाल के बाद से भयंकर नुकसान की खबरें है। अरब सागर में उठा चक्रवाती तूफान बिपरजॉय गुजरात के समुद्री तटों से टकरा चुका है। रात तक लैंडफाल रहेगा। तूफान के चलते पेड़, बिजली के खंभे, कच्चे घरों की छत्ते हवा में उड़ती देखी जा रही है। लैंडफाल के बाद तबाही का मंजर दिखना शुरू हो गया है। मिली जानकारी के अनुसार बिजली के खंभे और पेड़ गिरे हैं। करीब 500 से ज्यादा बिजली के खंभे गिरे हैं। गुजरात के समुद्री तटवर्ती जिलों में इस वक्त हवा की रफ्तार 100 किलोमीटर से भी ज्यादा है यह और तेज़ हो रही है। मौसम विभाग ने बताया कि जखौ में 100 किलो मीटर तक नुकसान हुआ है। इन इलाकों में अधिक :

विभाग की मानें तो बिपरजॉय का लैंडफॉल आधी रात तक जारी रहेगा। गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ के तट पर रेड अलर्ट जारी किया गया है। हालात ये है कि कच्छ और द्वारका में बिजली काट दी गई है। हवा की रफ्तार लगातार तेज हो रही है और बारिश भी उतनी ही तेज हो रही है। इस वक्त द्वारका, मांडवी, कच्छ, सोमनाथ, हर तरफ मूसलाधार बारिश हो रही है। द्वारका में भी पेड़ गिरे हैं और जखौ में जीरो विजिबिलिटी है। वहीं कच्छ के भुज नालिया नेशनल हाईवे पेड़ गिरने के कारण बंद हो गया है। NDRF की 27 टीमें तटवर्ती इलाकों में तैनात की गई हैं। इस बारे में मौसम विभाग के डीजी मृत्युजंय महापात्र ने बताया कि तूफान इस वक्त अपने सबसे खतरनाक रूप में है। 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल रही हैं। सबसे ज्यादा नुकसान जाखौ पोर्ट के आसपास के सौ किलोमीटर के इलाके में हो सकता है। इस दौरान विंड स्पीड 120 से 140 किलोमीटर के आसपास रहने का अनुमान है। इस तूफानी बवंडर से तबाही की तस्वीरें आनी भी शुरू हो गई हैं।मिली जानकारी के मुताबिक करीब 2000 कच्चे मकानों की छतें उड़ गई हैं। सरकार ने एक लाख लोगों को पहले ही सुरक्षित इलाकों में पहुंचा दिया था। तूफान प्रभावित शहरों में जो लोग अपने पक्के घरों में रुकें हैं, वो भी पूरी तरह खिड़कियां और दरवाजे बंद करके एक तरह से अपने घरों में कैद हैं। वहां सरकार की तरफ से अपील की जा रही है कि जब तक प्रशासन ना कहे तब तक लोग बाहर ना निकलें। रात तक तूफान के और अधिक प्रचंड होने की आशंका है।