Thar पोस्ट, न्यूज। बीकानेर कई मायनों में अलमस्त अलबेला है यहां के बच्चों व बड़ों के नाम भी अलबेले है। एक बानगी देखिए छोटे बच्चे का नाम चोर है। बड़ा हुआ तो चोरसा और वही व्यक्ति बड़ा हो गया तो ‘चोरजी’ । अलबेले कुछ नाम उदाहरण रमक झमक ने संकलन किया है। पुराने शहर में इन नामों की भरमार है। इनमें छोणो, थेपडो, होंडा महाराज,कुल्हड़ों, कूतियोजी, उन्द्रो, कपटी, लपटि महाराज, भैष बाई, गौरी किटी, गांधारी, चोरजी, बलधो, गोधो, सोंडो, लुनजी, सीटी, गप्पू , सप्पू,मेलो, लुलियोजी, किडियोजी, पतंग महाराज, गेलो, लट्टुड्डी, ढ़ेमो, गिलाइरिया महाराज, हौंडा महाराज, हाथी, पिलो घोडोजी, गधोजी,पेप्सी,गोली,चैरी,पाड़ी, करेला जी,भालू जी,पिच्चको, घंटी,शेर महाराज,लक्कड़ सिंह,सनाड, सेडो, गुगो,लछियोजी,लालो, पंछी, कबूतरी जी, बटुक, बेटू, टिंडा,नेवला जी,गेल चंद, गुंगचन्द, पप्पी, रोड़ा महाराज,भूत महाराज,पागो जी, मोडो, लाला , झिटियो, टँगड़, तड़का, झपतियो, फुसा,फुनजी, फुनि, बिल्ली, ततुडियो, सुंडी, गट्टी बाई, सुनी, सुंई, मुताडी, बाबली, खिनी,लाडू, टीटू, कागलो, फिनि जी,बबला जी,गट्टू, बिल्लो, बोखो,फिटी यो, मुतालियो, टिंडसी, ओम्बो, चिड़ी, लीरी, गुंडों, फाटोड़ी, टीलों, टीटी, मछि छिछि जी,पाड़ो, टीटोड़ी, झलारिया, मोड़ो, भूत महाराज,हांडा महाराज,पागा महाराज,लटडियो गटडियो। कुतियो, घोड़ो, डेडरियो, भालू, गेंडो, सुओ, कुकरियो, गधो,सुसियो, गज्जू, चीकू, करेलो, बिदाम भाईजी आलू, नींबू, कुल्लड़ो, ढक्कणो, खुरपलियो, कड़ालियो, कचोळी, बालूशाही, खेरियो, सनू ईंटाड़ी,पन्नू, कन्नू,चूंचूं, टींटियो, तिबरियो, सेणो, डाकू, चींचो, कानो, होबो, खुंडो, टुग्गो, दमू, सेठ, साब, लाला, फिना, घोटसा, चोर, नेपाली, कळकतियो, जापानी, धसियो, मोरियो, गोरू, चाफू, धनियो, लोटड़ी, भूरियो, चितकबरो, कूकी, मुंशी, सीटी, टीटी, मिरचियो, घोचो, चिडिय़ो, कोचरो, गेनू, गेलूर, छजो, खेजडऩाथ, गट्टू, होलेंडर, आइजन होवर, झमणसा, पट्टू, गूंगो, दूलो, गपलो, पपलो, पपियो, फीनो, नीनो, सीटू, सेणसा, चमचमियो, मोडियो, कजळसा, बुई, टाकल, खाखी, भावो, जिन्नी, पापूड़ी, खेमू, गूंगली, गोळी, कलियों लोदी, मकोड़ो, हाकू, गुलजी, तंगड़, व्याशियो, टकड़ो, डंकोळी, लल्लू-पल्लू, सूंडो, सम्राट, ढोक्यो, लवरियो, छमियो, मनमन, घम्मो, गडशियो, गुटडिओ, किलोडिय़ो, खाळियो, बिल्लो, टुडिय़ो, धामो, नागाडिय़ो, टोपसी, मेणियो, टेणियो, चीणो, सैंसी, ज्ञान-बैराग, चकोर-मकोर, गिलारी, जैरी, बिरियो, खूंखली, टोडियो, मोडो, बोखो, बावनियो, झफ्फू, लपूसियो, लट्टू, लट्टूड़ी, घाघो, ढब्बू, नूं, नूसियो, नूनसा, पोलो, फोमलो, भोमो, सहूकारियो, फागू, बिच्छू, होटलो, हाकम, बालू, सनियो, घुन्नाड़, मूसो, धसरियो, मनाड़, फिरकली, लाली, जीसा, दरबार, मनको, फनको, आयलो, टप्पूड़ो, मुनीम, लच्छो, बड़ो, सेंटी, दासी, भासा, ग्वाळियो, सीयो, ढिल्लो, गंगलो, गुच्ची, बच्चो, रावण, बिल्ली, झींटियो, भत्तू,भैस मासी,उन्द्रों काको, फुलको, डोडो, कंगी, मछियो, बनजी, गोगड़ू, गूंग, नीं, देबू, झापटो, कपसा, लपटी, चाउड़ो, माउड़ो, गींडो, भैंसियो, पागो, कोडो, फोगलो,झोड़ी,गेल चंद गूंगचन्द सहित अनेक (प्रहलाद ओझा ‘भैरुं’रमक झमक,बीकानेर )