Thar पोस्ट। राजस्थान के जोधपुर जिले के माचिया सफारी पार्क (जैविक उद्यान) के पांच साल के एक नर बब्बर शेर (रियाज) की आंखों का ऑपरेशन जल्द किया जाएगा। उसे जन्म से ही दाएं आंख में मोतियाबिंद और दूसरी आंख में ग्लूकोमा है। उसे पिछले 15 दिन से दिखाई देना बंद हो गया है। इसके बाद से जैविक उद्यान के वन्यजीव चिकित्सक ने रियाज को पार्क के डिस्प्ले एरिया से हटाकर विशेष रूम में शिफ्ट करवाया। आंखों में बचपन से ही परेशानी है, उसकी यह परेशानी इन दिनों काफी बढ़ गई थी और उसे दिखाई देना बंद हो गया है। रियाज की आंखों की जांच के लिए शेर को बेहोश करने का काम पार्क के वन्यजीव चिकित्सक डॉक्टर ज्ञान प्रकाश ने किया। इसके बाद चिकित्सकों की टीम ने आंखों की जांच की। रियाज की आंखों की जांच के लिए बीकानेर वेटेनरी कॉलेज से पशु नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सुरेश कुमार झीरवाल और वरिष्ठ वन्यजीव चिकित्सक डॉ. श्रवण सिंह राठौड़ को बुलाया गया था। जांच में पाया गया कि शर की दाईं आंख में मोतियाबिंद है और दूसरी आंख में ग्लूकोमा और अल्सरेटिव किराटाइटिस है। डॉक्टरों ने तय किया कि इसका ऑपेरशन मार्च में होली के बाद किया जाएगा। ऑपरेशन से पहले रियाज को डॉक्टर ज्ञानप्रकाश विशेष रूप से ट्रेनिंग देंगे, ताकि ऑपरेशन के बाद उसकी उचित देखभाल हो सके।माचिया सफारी पार्क के प्रशासक और उप वन संरक्षक (वन्य जीव) संदीप छल्लानी ने बताया कि शेर को बचपन से ही देखने की समस्या है। उसकी एक आंख में बचपन से ही मोतियाबिंद था। पिछले कुछ समय से उसे दोनों आंखों से कम दिखाई देने लगा था। विशेषज्ञ के सुझाव पर बीकानेर पशुपालन यूनिवर्सिटी से टीम बुलाई गई, इस टीम ने अपनी रिपोर्ट दी है।डॉक्टरों ने ऑपरेशन की सलाह दी है, इसके तहत बब्बर शेर की पोस्ट ऑपरेटिव केयर की तैयारी शुरू की गई है। हालांकि, ऑपरेशन का दिन तय नहीं किया गया है, लेकिन ऑपरेशन माचिया पार्क में ही होगा। उसकी आंखों से खराब लेंस हटाकर रोशनी लौटाने का प्रयास किया जाएगा।