Thar पोस्ट, न्यूज नई दिल्ली। कोरोना, मंकी पॉक्स व लंपी के बाद अब टोमेटो फ्लू का खतरा मंडरा रहा है। देश में इस इस समय इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। बच्चों में इस बीमारी के ज्यादा केस देखने को मिल रहे हैं बढ़ते मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक एडवाइजरी जारी कर दी है. इस एडवाइजरी में वो तमाम गाइडलाइन बताई गई हैं जिसका पालन करना जरूरी है. सरकार ने एक विस्तृत रिपोर्ट जारी कर Tomato Flu के लक्षण और इसके इलाज को लेकर भी बताया है।

यह है टोमेटो फ्लू : यह एक वायरल बीमारी है जिसमें शरीर पर टमाटर के आकार जैसे फफोले हो जाते हैं. इसके ज्यादातर लक्षण दूसरे वायरल इंफेक्शन जैसे ही रहते हैं. इसमें बुखार, रैशेज, जोड़ों में दर्द, थकावट, जोड़ों में सूजन, गले में खराश शामिल है. इस वायरल की शुरुआत हल्के बुखार से होती है, फिर बाद में गले में खराशे भी शुरू होती हैं. बुखार के दो से तीन दिन बाद शरीर पर लाल रंग के दाने दिखने लगते हैं जो बाद में फफोलों में बदल जाते हैं. ये ज्यादातर मुंह के अंदर, जीभ पर या मसूड़ों में देखने को मिलते हैं. उपाय : पांच से सात दिनों के लिए खुद को आइसोलेट किया जाए, बीमारी ना फैले, इसका ध्यान रहे। अपने आसपास के इलाके को साफ और स्वच्छ रखें. वायरल से संक्रमित बच्चे दूसरे बच्चों के साथ ना खेलें, खिलौने शेयर ना करें.
– फफोलों को हाथ ना लगाएं, अगर ऐसा किया भी है तो तुरंत अपने हाथ धोएं। संक्रमित बच्चों के कपड़े, बर्तन सब अलग कर दिए जाए पर्याप्त आराम मिलना जरूरी, तेज हीलिंग के लिए सोना असरदार।

संक्रमित व्यक्ति का कैसे पता चलेगा : Respiratory Samples के जरिए आसानी से पता लगाया जा सकता है. बीमारी के 48 घंटे के अंदर ही श्वसन के नमूने दिए जा सकते हैं.
– Fecal Samples के जरिए भी इस वायरल का पता लगाया जा सकता है. लेकिन यहां भी सैंपल 48 घंटे के अंदर देना जरूरी है।वैसे यहां ये जानना जरूरी हो जाता है कि अभी तक टोमैटो फ्लू की कोई अलग से दवाई नहीं है, जो दवाई वायरल होने पर दी जाती है, उसी का इस्तेमाल इसके खिलाफ भी किया जा रहा है. अभी तक जो भी मामले सामने आए हैं, उसमें ज्यादातर 10 साल से कम उम्र के बच्चे हैं. ऐसे में सरकार सबसे ज्यादा बच्चों के लिए चिंतित है और उन्हीं को इस वायरल से सुरक्षित रखने पर जोर दे रही है.

टोमैटो फ्लू का विशेष कारण जानने के लिए वैज्ञानिक अभी भी रिसर्च कर रहे हैं, लेकिन अभी इसे वायरल संक्रमण का एक रूप माना जा रहा है. कुछ ने यह भी सुझाव दिया है कि यह डेंगू या चिकनगुनिया का दुष्प्रभाव हो सकता है. वैज्ञानिकों के मुताबिक, इसका सोर्स एक वायरस है लेकिन अभी तक इस बारे में जानकारी सामने नहीं आई है कि यह किस वायरस के कारण फैल रहा है या किस वायरस से संबंधित है? 

देश में अभी कितना फैला

इस समय केरल में टोमेटो फ्लू के सबसे ज्यादा मामले देखने को मिल रहे हैं. जुलाई तक पांच साल से कम उम्र के 82 बच्चे इस वायरस की चपेट में आए हैं. बढ़ते मामलों को देखते हुए तमिलनाडु, कर्नाटक सरकार भी सतर्क हो गई है.