Thar पोस्ट, न्यूज। बीकानेर में आज हुई बारिश ने पहले से खराब चल रही व्यवस्था को और बदहाल कर दिया है। बारिश के चलते जूनागढ़ नगर निगम रोड, कचहरी, पुरानी गिन्नानी, रोशनी घर रोड, लाइन पुलिस, मेहरो का मोहल्ला सहित अन्य इलाकों में पानी भर गया है। पिछले दिनों हुई बारिश से पहले से ही व्यवस्थाएं चरमराई हुई है। पानी से घिरे लोग घरों में ही रहने के लिए मजबूर हैं। सूरसागर के पास नालों में कचरा जमा होने से तेज़ी से पानी की निकासी नहीं हो पा रही। लिहाज़ा सूरसागर के पास जुड़े नालों पर अस्थाई मोटरयुक्त ट्रेक्टर लगाए गए है। पानी की अधिकता के चलते ये व्यवस्था ऊँट में जीरे की तरह साबित हो रही है। बारिश के दिनों में मोहता चौक, तेलीवाड़ा, जोशिवाड़ा, कोटगेट होते हुए पानी सूरसागर तालाब पहुंचता है। सूरसागर के चारों बसे इलाक़ों में कुछ भौगोलिक दृष्टि से ऊंचाई पर है तो कुछ गहराई लिए हुए है। माजीसा का मोहल्ला, धोबीधोरा हनुमान हत्था तुलनात्मक रूप से कुछ ऊंचाई पर है। इसके विपरीत निचले इलाकों में परेशानी अधिक होती है। इतिहास की बात करे तो गिन्नानी प्राचीन समय तलाई हुआ करती थी। गिन्नानी व इससे जुड़े इलाक़ों में आज भी सर्वाधिक परेशानी होती है। यहां तक कि बारिश में कई बार जूनागढ़ की खाई की दीवार या तो तोड़ दी जाती है या फिर पानी के वेग से टूट जाती है। सूरसागर व आसपास का इलाका राजनीतिक उपेक्षा का भी शिकार हुआ है करोड़ों करोड़ रुपये पानी की तरह बहा दिए गए हैं। लेकिन हालात सुधर नहीं पाए है। सवाल यह है कि आखिर करोड़ों रुपये बहकर किधर जा रहे है?