






Thar पोस्ट। हरिद्वार गंगा स्नान के लिए जाने वालों के लिए जरूरी खबर। हरिद्वार से कानपुर तक जाने वाली ऊपरी गंगा नदी सालाना मरम्मत और कुंभ मेला 2027 की तैयारियों के चलते 18 दिनों के लिए बंद कर दी गई है. इस बंदी से दिल्ली-एनसीआर, नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ समेत यूपी के 15 से अधिक जिलों में पीने के पानी और सिंचाई का गंभीर संकट गहराएगा। इसके साथ ही गंगानहर 7-8 नवंबर की मध्यरात्रि को दोबारा चालू होगी। हालांकि, श्रद्धालुओं के लिए हरकी पैड़ी पर 200 क्यूसेक गंगाजल की वैकल्पिक व्यवस्था लगातार उपलब्ध रहेगी। इस 18 दिनों की वार्षिक बंदी के दौरान नहर के बुनियादी ढांचे को दुरुस्त किया जाएगा. सिंचाई विभाग नहर में रंग-रोगन, पुराने पुलों की मरम्मत, तलहटी में जमी सिल्ट की सफाई, सिंचाई के रजवाहों व नालों की मरम्मत और रेगुलेटरों में ग्रीसिंग-ऑयलिंग का तकनीकी काम पूरा करेगा. इसके अलावा, हरिद्वार में प्रस्तावित कुंभ मेला-2027 के मद्देनजर मेला प्रशासन नए घाटों और पुलों के निर्माण कार्यों को भी इसी अवधि में पूरा करेग।












नहर बंद रहने के दौरान भी हरकी पैड़ी पर 200 क्यूसेक जल लगातार उपलब्ध कराया जाएगा. इसके लिए भगीरथी बिंदु से हरकी पैड़ी तक पानी भेजा जा रहा है. यदि जलस्तर कम होता है, तो भीमगोड़ा बैराज के लिंक चैनल गेट खोलकर जल की मात्रा बढ़ाई जाएगी. एसडीओ भारत भूषण ने भी पुष्टि की है कि स्नानार्थियों को असुविधा न हो, इसके लिए विभाग लगातार कार्य कर रहा है।
