



Thar पोस्ट न्यूज।अस्पतालों में खाद्य सुरक्षा को लेकर शुरू हुआ विशेष अभियान।

बीकानेर। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि आयुक्तालय के निर्देशानुसार 24 से 30 सितंबर तक प्रदेश में सरकारी एवं निजी अस्पतालों तथा उनके आसपास संचालित कैंटीन, कैफेटेरिया, भोजनालय एवं रेस्टोरेंट का सघन निरीक्षण एवं नमूनीकरण अभियान चलाया जा रहा है।
अभिहित अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुखराज साध ने बताया कि अभियान के तहत गुरुवार को राजकीय पीबीएम अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए पीबीएम प्रशासन द्वारा संचालित किचन का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान किचन का खाद्य अनुज्ञा पत्र नहीं पाया गया। किचन के स्टोर में दालों के 8 कट्टे, लगभग 240 किलोग्राम मूंगफली का तेल, लगभग 60 किलोग्राम तथा 50 किलोग्राम दलिया मिला, जिन पर निर्माण एवं एक्सपायरी तिथि अंकित नहीं थी। संबंधित सामग्री को मौके पर ही पुनः वेंडर को भिजवा दिया गया। वहीं मसाले एवं अन्य खाद्य सामग्री पुराने एवं गंदे प्लास्टिक के डिब्बों में रखी हुई पाई गई। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा अधिकारियों श्री श्रवण कुमार वर्मा, श्री भानू प्रताप सिंह गहलोत, श्री सुरेंद्र कुमार एवं श्री राकेश गोदारा द्वारा की गई।
कैंटीन में खुले में खाद्य सामग्री रखने एवं खराब फल-सब्जियां मिलने पर कार्रवाई
पीबीएम परिसर में मर्दाना अस्पताल के सामने टेंडर द्वारा संचालित मैसर्स रामावत स्टैंडर्ड मार्ट कैंटीन का भी निरीक्षण किया गया। कैंटीन बिना खाद्य अनुज्ञा पत्र के संचालित पाई गई। आमजन को कचौरी, समोसे आदि खाद्य सामग्री समाचार पत्र पर खुले में रखकर परोसी जा रही थी, जिसे मौके पर ही नष्ट करवाया गया।
निरीक्षण के दौरान कैंटीन में खाद्य संचालकों के मेडिकल प्रमाणपत्र, पेस्ट कंट्रोल एवं पेयजल जांच रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं मिली। कैंटीन के जूस कॉर्नर में लगभग 25 किलोग्राम सड़े हुए पपीते, केले एवं कटे व साबुत अनार सहित कोल्ड ड्रिंक, ब्रेड, भुजिया आदि खाद्य सामग्री भी मौके पर नष्ट करवाई गई। परिसर में साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई।
चार खाद्य नमूने लिए, सुधार के लिए दिए इंप्रूवमेंट नोटिस
दोनों संस्थानों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 32 के तहत इंप्रूवमेंट नोटिस दिए जा रहे हैं। कार्रवाई के दौरान कुल चार खाद्य नमूने लिए गए, जिन्हें जांच के लिए जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला भेजा जाएगा। संबंधित संचालकों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं स्वच्छता, सुरक्षित खाद्य भंडारण, खाद्य संचालकों की व्यक्तिगत स्वच्छता, परिसर की साफ-सफाई, पेयजल की गुणवत्ता तथा कच्चे एवं पके खाद्य पदार्थों के उचित रख-रखाव की सख्त अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
