Thar पोस्ट। इस बार मानसून राजस्थान पर मेहरबान रहेगा। मानसून राजस्थान के सीमावर्ती और रेगिस्तानी जिले बाड़मेर पहुंच गया है, लेकिन पश्चिम उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा अब भी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। इस बारे में आईएमडी के क्षेत्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि बाड़मेर पश्चिम राजस्थान के उन कुछ केंद्रों में हैं जहां दक्षिण-मॉनसून सामान्य तौर पर सबसे बाद में आता है। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून जुलाई के प्रथम सप्ताह में पश्चिम राजस्थान में पहुंचता है। लेकिन इस बार ऐसा नहीं है आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि इस बार मॉनसून सामान्य समय से दो सप्ताह पहले बाड़मेर पहुंच गया है। ‘अरब सागर में बने दबाव के क्षेत्र की वजह से मॉनसून को गति मिली जो जून में ही बाड़मेर समेत राजस्थान के कुछ हिस्सों में पहुंच गया।’ उन्होंने कहा कि दिल्ली, हरियाणा, पंजाब के कुछ हिस्सों और पश्चिम उत्तर प्रदेश तथा पश्चिम राजस्थान के मामले में पुरवाई हवाएं बंगाल की खाड़ी से इन इलाकों में मॉनसून को पहुंचाती हैं। बंगाल की खाड़ी में इस समय कोई सक्रिय दबाव क्षेत्र नहीं है जो पुरवाई हवाओं को मॉनसून को इस क्षेत्र में लाने में मदद कर सके। राजस्थान में जुलाई माह में घटाएं बरसेंगी, ऐसा मौसम विभाग का कहना है।