Thar पोस्ट, न्यूज बीकानेर। नर सेवा नारायण सेवा के उद्देश्य से राजस्थान श्रमजीवी पत्रकार संघ, पत्रकार वेलफेयर सोसायटी, अभिव्यक्ति फाउण्डेशन, सेवार्थ चेरिटेबल टस्ट तथा राजस्थान मरूधरा ग्रामीण बैंक रीजनल शाखा की ओर आचार्य तुलसी कैंसर रिसर्च सेन्टर में कैंसर पीड़ित बच्चों,मरीजों को गर्म कपड़े, कंबल तथा गुड से बने उत्पाद बांटे गये। इस दौरान समाजसेवी नरेश गोयल, गजेन्द्र सिंह लूंछ, एड जलज सिंह, कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ मुकेश सिंघल, जितेन्द्र पासी ने ये सामान वितरित किये। कार्यक्रम के दौरान कैंसर पीड़ितों को एमबीबीएस चिकित्सक डॉ अभिजीत ने जादू का खेल दिखाकर अंचभित किया। वहीं अभिव्यक्ति फाउण्डेशन के युवा कलाकारों ने गानों की प्रस्तुति देकर समां बांधा। इस अवसर पर राजस्थान श्रमजीवी पत्रकार संघ की अध्यक्ष डॉ पूजा मोहता, संजीवनी द लाइफ वियोड के अभिषेक जोशी, मीनाक्षी,ईशा व्यास, अभिव्यक्ति फाउण्डेशन के तन्मय श्रीमाली,रामदेव चौधरी,गूंजन राठी,गगनदीप,यशराज, मृदुल,जतिन,कृष्णकांत,अनुराग,प्रशांत,सूरज,प्रेम,पत्रकार वेलफेयर सोसायटी के जयनारायण बिस्सा,दिनेश गुप्ता,सुमित व्यास,जितेन्द्र व्यास,दिनेश जोशी,गिरीराज भादाणी,जीतू बीकानेरी, उमेश पुरोहित,के कुमार आहुजा आदि मौजूद रहे। संजीवनी द लाइफ वियोड के अभिषेक जोशी ने बताया कि सामाजिक सरोकार निभाते हुए राजस्थान मरूधरा ग्रामीण बैंक रीजनल शाखा ने 40 गर्म कंबल तथा पत्रकार वेलफेयर सोसायटी व समर्थ चेरिटेबल टस्ट की ओर से 100 गर्म कपड़े और अभिव्यक्ति फाउण्डेशन ने गुड से बने उत्पाद तथा बच्चों को केक वितरित कर प्रेरणास्पद कार्य किया। जिसके लिये सभी संस्थाओं का जोशी ने आभार जताया।

Thar पोस्ट। राष्ट्रसंत, डाक्टर आचार्य प्रवर दिव्यानंद सूरीश्वर महाराज साहब ( निराले बाबा ) के दिशा निर्देश में भीनासर में स्थित निराला जैन भवन में पर्यावरण संगोष्ठी का आयोजन किया गया। डाक्टर नरेश जैन विशेष रूप आमंत्रित थे।
निराले बाबा ने विचार प्रस्तुत करते हुए कहा कि चारों तरफ वातावरण दूषित हो रहा है, जिसमें प्रवृत्ति और प्रकृति में असर पड़ रहा है, उन्होंने बताया की इंसान की प्रवृत्ति के अंदर सहनशीलता खत्म हो चुकी है क्योंकि खाने पीने के बर्तन किसी भी कार्यक्रम में डिस्पोजल की परम्परा चल पड़ी है। और उनको नष्ट करते समय अग्नि जलाकर खत्म किया जाता उससे प्रकृति का वातावरण दूषित होता है। पूर्व काल में पीतल ताँबा के बर्तन काम में लिए जाते थे उससे शरीर में बीमारिया नहीं होती थी। अब इंसान मानसिक रूप शारीरिक रूप से बीमार है। आवश्यकता है मिट्टी, पीतल, ताँबा आदि के बर्तन प्रयोग में लाये जिससे प्रवृत्ति और प्रकृति में सुधार आवे।
इस अवसर पर डाक्टर नरेश जैन, पूजा मोहता आदि का सम्मान किया गया। श्री राजकुमार सुराणा,जयचंद लाल बोथरा, पुनीत सुराणा, डाक्टर अजय वर्मा, तारा देवी बोथरा, सज्जन देवी सुराणा आदि अनेकानेक भक्त गण मौजूद थे।