





Thar पोस्ट, बीकानेर । पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी द्वारा राज्य सरकार के द्वारा गांधर , आंरण के कब्जाधारियों को पट्ट जारी करने के निर्णय के खिलाफ बेमियादी धरना 36 वें दिन भी जारी रहा । आज धरना स्थल पर गीतासार व गौ कथा का वाचन बालसंत श्रीपछैल बिहारी जी ने किया । गोचर आन्दोलन को समर्थन देने के लिए गांव ढाणी से लोग चल कर आ रहे है वही राष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं के पदाधिकारी अपने समर्थकों के साथ धरना स्थल पर पहुंच कर भाटी को समर्थन दे रहे है । गुरुवार को भाटी के धरने को समर्थन देने के लिए विप्र फाउण्डेशन के राष्ट्रीय संयोजक सुशील औझा अपने समर्थकों के साथ धरना स्थल पर आये गौ माता के लिए चलाये जा रहे आन्दोलन का समर्थन किया । प्रवक्ता सुनील बांठिया ने बताया कि धरना स्थल पर विप्र फाउण्डेशन के राष्ट्रीय संयोजक सुशील ओझा व प्रदेशाध्यक्ष भंवर पुरोहित अपने समर्थकों के साथ पहुंचे व भाटी की इस मुहिम में विप्र फाउण्डेशन के समर्थन व सहयोग की बात कही ।






इस अवसर पर धरना स्थल पर जमा हुए हजारों गो भक्तों को सम्बोधित करते हुए सुशील ओझा ने कहा कि राजस्थान में देवी सिंह भाटी ने गाय , गोचर व औरण को लेकर एक जन आन्दोलन की शुरुआत की है इससे अन्य जनप्रतिनिधियों को भी प्रेरणा लेनी चाहिए । जो लोग गाय माता के हित की बात करने में भी राजनीति ढूंढ रहे हैं उनको इतिहास कभी माफ नहीं करेगा । ओझा ने कहा कि बात गौ संवर्धन की होनी चाहिए लेकिन अफसोस की हमें गायों की जमीन की रक्षा के लिए सरकार से लड़ना पड़ रहा है । आज देवी सिंह भाटी ने जो ये मुद्दा उठाया है उसे विप्र फाउण्डेशन पूरे प्रदेश स्तर पर गांव – ढाणी तक ले जायेगी सभी सरकार में बैठे लोगों व उन जनप्रतिनिधियों की आंखें खुलेगी जो गाय व गांचर के मुद्दे पर मुंह में मुंग डाले बैठे हैं । आने वाले समय में गाय के मुद्दे पर ये चुप्पी उनको भारी पड़ेगी । मैं तो कामना करता हूँ कि गाय माता उनको सद्बुद्धि दें ।
इनके साथ आये परमानन्द ओझा राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य , भंवर पुरोहित प्रदेशाध्यक्ष दिनेश ओझा युवा कार्यकारिणी के प्रदेश महामंत्री , अरूण कल्ला सचिव , हेमन्त शर्मा , महेश आंझा सहित विन फाउण्डेशन से जुड़े अनेक लोगों ने अपने सम्बोधन में कहा कि गाय की जमीन पर सरकार द्वारा पट्टे जारी करने का आदेश सीधे – सीधे सनातन संस्कृति पर हमला है । विप्र फाउण्डेशन इस हमले का मुंहतोड़ जवाब देगा यह आन्दोलन इस चारदिवारों से निकल कर पूरे प्रदेश की जनता की आवाज बन गया है । यदि अब भी सरकार नहीं चेती तो सरकार में बैठे लोगों को इसके गम्भीर परिणाम भुगतने होंगे । आज विप्र फाउण्डेशन से आये पदाधिकारियों का देवकिशन चांडक , विजय उपाध्याय , विजय सिंह चावड़ा ने स्वागत किया ।
गोचर धाम में चल रही गौ कथा में आज मुख्य यजमान का दायित्व आरती – दिनेश सांखला दम्पति ने निभाया । आज कथा में बालसंत श्रीप्रैल बिहारी जी ने कहा कि गौ रक्षण , गौ पालन और सौ संवर्धन का प्रश्न हमारे लिए नया नहीं है । हमारे सनातन संस्कृति के अनुसार अर्थ , धर्म , काम और मोक्ष इन चारों पुरुषार्चा के और घृतरूपी अमृत का खजाना है । प्रत्येक विचारशील पुरूष को गौ संवर्धन के बारे में ही चिन्तन करना चाहिए । गौ कथा के दौरान कोलासर गांव से जन्मांध रामा बाई ने गाय माता पर अपनी सुरीली आवाज में भजनों की प्रस्तुति देकर गौ भक्तों को भाव विभोर कर दिया ।धरना स्थल पर भाटी ने रामा बाई की भजन गायन की भूरी – भूरी प्रशंसा की । आज धरना स्थल पर मुख्य रूप से मदनलाल हटिका पूर्व पार्षद लालसोट दौसा , सेवानिवृत पुलिस अधीक्षक खीवसिंह भाटी , कांग्रेस नेता नित्यानंद पारीक , किशोर – राजु बन बीठनोक , श्याम कुमावत गोविन्दसर , हरीराम सैन भलूरी , सहीराम सियाग पलाना , अशोक कुमार छींपा नोखा , सुभाष गोदारा आरडी 860 के अलावा शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों से भाटी को समर्थन देने पहुंचे ।
श्री पुष्टिकर ब्राह्मण सामूहिक सावा व्यवस्था समिति ने किया शिक्षा मंत्री का अभिनंदन
Thar पोस्ट, बीकानेर, 17 फरवरी। श्री पुष्टिकर ब्राह्मण सामूहिक सावा व्यवस्था समिति के प्रधान कार्यालय, मोहता चौक में शिक्षा मंत्री डाॅ.बी.डी.कल्ला का अभिनन्दन किया गया।
इस अवसर पर डाॅ.कल्ला ने कहा कि 57 वर्ष पूर्व स्व.शंकरलाल हर्ष द्वारा शुरू किए गए सेवा के इस कार्य को जारी रखना सराहनीय है। इससे दूसरों को प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि पुष्करणा सावे में कम खर्च और बिना दहेज की शादियां पूरे भारत वर्ष में लोकप्रिय है। इस परंपरा को बनाए रखना जरूरी है। इस दौरान डॉ. कल्ला ने समाजसेवी दिलीप जोशी, शंकर पुरोहित व श्रीनारायण आचार्य का माला पहनाकर स्वागत किया।
इसी दौरान शहर में सड़कों की मरम्मत कार्य को लेकर पीडब्लूडी के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर लोगों की समस्याओं से अवगत करवाया और उचित दिशा निर्देश दिए। बारहगुवाड़ से तेलवाड़ा चौक, मोहता चौक से हर्षों का चौक व कीकाणी व्यासों के चौक में बचे हुए कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर समिति अध्यक्ष ओंकारनाथ हर्ष, दिलीप जोशी, नरेन्द्र आचार्य, एन.डी.रंगा, श्रीनारायण आचार्य, हीरालाल हर्ष, अनिल व्यास, गोपाल हर्ष, अजय व्यास, भरत पुरोहित सहित समस्त कार्यकर्ताओं ने डाॅ.कल्ला का माल्यार्पण कर स्वागत किया और मुख्य कार्यक्रम में आने का निमंत्रण दिया।
इससे पहले दिन में चिकित्सा विभाग द्वारा मोहता चौक में वैक्सीनेशन कार्य जारी रहा, जिसमें शहर के अनेक व्यक्तियों ने वैक्सीन लगवा कर लाभ उठाया। चिकित्सा दल की टीम में डाॅ.रंजन, चिरंजीलाल व ओमप्रकाश शामिल रहे।

श्री छः न्याति ब्राह्मण महासंघ की नई कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित
Thar पोस्ट, बीकानेर, 17 फरवरी। श्री छः न्याति ब्राह्मण महासंघ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह गुरूवार को टाउन हॉल में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शिक्षा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला थे। उन्होंने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों तथा प्रकोष्ठ प्रभारियों को शपथ दिलाई। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नई कार्यकारिणी के सदस्य युवा पीढ़ी को आगे लाने का प्रयत्न करें। युवाओं को शिक्षा और खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध करवाए जाएं, जिससे उनकी ऊर्जा का उपयोग सकारात्मक दिशा में हो सके। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण ’सर्वजन हिताय-सर्वजन सुखाय’ की परम्परा का निर्वहन करने वाले होते हैं। इन संस्कारों को आगे बढाने में भी नई कार्यकारिणी अपनी भागीदारी निभाए। उन्होंने सामाजिक कार्यों में अनावश्यक खर्च पर अंकुश लगाने का आह्वान किया तथा कहा कि कार्यकारिणी इसकी मुहिम चलाए, जिससे दूसरों को भी प्रेरणा मिले। उन्होंने मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना सहित राज्य सरकार की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान भी किया। साथ ही विश्वास दिलाया कि वे छः न्याति ब्राह्मण समाज के साथ खड़े हैं तथा समाज के भवन निर्माण सहित सभी आवश्यकताओं की पूर्ति में उनका सकारात्मक सहयोग रहेगा।
शिवबाड़ी मठ के अधिष्ठाता स्वामी विमर्शानन्द महाराज ने कहा कि नई कार्यकारिणी परहित की भावना के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति की सेवा को तत्पर रहे।
इससे पहले महासंघ के निवर्तमान अध्यक्ष मोहनलाल जाजड़ा ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों तथा नए अध्यक्ष भंवरलाल व्यास ने भावी कार्य योजना के बारे में बताया। इस दौरान बीकानेर पंचायत समिति के प्रधान लालचन्द आसोपा, युवा प्रकोष्ठ प्रभारी गजानन्द शर्मा सहित अन्य प्रबुद्धजनों ने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में कामेश्वर प्रसाद सहल, खेताराम तावणिया, श्रीधर शर्मा सहित अनेक लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन पाराशर नारायण शर्मा ने किया।
इन्होंने ली शपथ
कार्यक्रम के दौरान मुख्य कार्यकारिणी के 44 पदाधिकारियों के साथ महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष चारु शर्मा, युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष गजानंद शर्मा, विधि प्रकोष्ठ अध्यक्ष मनोज सुरोलिया, नगर अध्यक्ष अरविंद जाजडा, संस्कार एवं ज्योतिष प्रकोष्ठ अध्यक्ष राकेश ओझा, लोकसेवक प्रकोष्ठ अध्यक्ष इंजी. अरुण पाण्डे और तहसील अध्यक्ष रमेश पारीक ने अपनी अपनी कार्यकारिणी के साथ शपथ ग्रहण की।
नरपत सिंह सांखला स्मृति राष्ट्रीय स्तरीय राजस्थानी काव्य पुरस्कार प्रारंभ
Thar पोस्ट, बीकानेर 17 फरवरी।
राजस्थानी एवं हिन्दी के ख्यातनाम साहित्यकार कीर्तिशेष नरपत सिंह सांखला की स्मृति में प्रति वर्ष एक राष्ट्रीय स्तरीय पुरस्कार प्रदत्त का निर्णय आज संस्थान के अध्यक्ष वरिष्ठ कवि कथाकार कमल रंगा की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया।
संस्थान के अध्यक्ष वरिष्ठ कवि कथाकार कमल रंगा ने बताया कि प्रति वर्ष नरपत सिंह सांखला स्मृति मंे प्रदत किये जाने वाले पुरस्कारों की श्रृंखला में वर्ष 2022 का प्रथम पुरस्कार स्व. सांखला की प्रथम पुण्य तिथि के अवसर पर आगामी 21 मार्च 2022 को राजस्थानी भाषा की काव्य विधा की निर्णायकों द्वारा चयनित पुस्तक पर प्रदत्त किया जाएगा।
संस्थान के सचिव वरिष्ठ शायर कथाकार कासिम बीकनेरी ने बताया कि सांखला की स्मृति में प्रतिवर्ष प्रदान किया जाने वाला पुरस्कार क्रमशः राजस्थानी या हिन्दी में प्रदत्त किया जाएगा। इसी तरह वर्षवार विधा का निर्णय भी संस्थान द्वारा किया जाएगा।
संस्थान के समन्वयक शिक्षाविद् संजय सांखला ने बताया कि स्व. नरपत सिंह सांखला स्मृति पुरस्कार के तहत पुरस्कृत होने वाले साहित्यकार को 11000 (ग्यारह हजार रूपये), शॉल, सम्मान पत्र, प्रतीक चिह्न आदि अर्पण कर सम्मानित किया जाएगा।
संस्थान के अध्यक्ष एवं समन्वयक कमल रंगा व संजय सांखला ने बताया कि वर्ष 2022 का स्व. नरपत सिंह सांखला स्मृति राजस्थानी काव्य पुरस्कार के लिए गत पांच वर्षो की अर्थात् 1 जनवरी, 2017 से दिसम्बर 2021 के तक प्रकाशित राजस्थानी पुस्तकों को पुरस्कार हेतु आमंत्रित किया जा रहा है।
संस्थान के सचिव कासिम बीकानेरी ने बताया कि पुरस्कार हेतु राजस्थानी काव्य की गत पांच वर्षो में प्रकाशित मौलिक कृति ही स्वीकार्य होगी। पुरस्कार बाबत किसी भी तरह के शोधग्रंथ, सम्पादित कृति, सांझा संकलन आदि पुरस्कार हेतु मान्य नहीं होंगी। पुरस्कार के निर्णय हेतु एक निर्णायक मंडल का गठन किया जाएगा एवं पुरस्कार बाबत किसी बात आदि बाबत अंतिम निर्णय संस्थान का होगा।
पुरस्कार हेतु पूरेे देश के साहित्यकार उक्त अवधि की चार मौलिक राजस्थानी काव्य विधा की पुस्तकें आगामी 7 मार्च, 2022 तक-
कमल रंगा, रंगा कोठी सुकमलायतन डी 96-97 मुरलीधर व्यास नगर, बीकानेर (राज.) के पत्ते पर सादर आमंत्रित की जा रही है। 7 मार्च, 2022 के बाद प्राप्त पुस्तकों पर निर्णय नहीं किया जाएगा।
