Thar पोस्ट, न्यूज। बीकानेर जिले के लूणकरणसर में 15 अप्रैल को धंसी जमीन के मामले में वैज्ञानिकों ने रिपोर्ट सौंपी है। 24 अप्रेल को झालाना डूंगरी जयपुर से भारतीय भू-सर्वेक्षण विभाग की तीन सदस्यीय टीम जांच के लिए आई। उसने तीन दिन जांच के बाद प्रशासन को रिपोर्ट सौंपी। उपखण्ड अधिकारी राजेन्द्र कुमार ने बताया कि जीसीआई ने जमीन धंसने के मामले में अपनी जांच रिपोर्ट में जल के अत्यधिक दोहन को कारण माना है। जांच रिपोर्ट में बताया है कि बरसात की कमी से भूजल रिचार्ज नहीं हुआ। इससे जमीन खोखली हो गई और मिट्टी नीचे चली गई। जीसीआई ने मौसम विभाग, भूजल विभाग, सैटेलाइट समेत कई तरह के साक्ष्य जुटाए हैं। इसके बाद अपनी जांच में पाया कि भूजल रिचार्ज नहीं होने से तथा नीचे की जमीन ज्यादा सख्त नहीं होने से जमीन धंसी। जीसीआई इसे भौगोलिक घटना मान रहा है।
जबकि ग्रामीणों का कहना है कि इस जगह पर तकरीबन सौ साल पहले आकाशीय बिजली गिरी थी। इसी कारण इस जगह को लेकर आम बोच-चाल में लोग बिजल खाड के नाम से पुकारते हैं। इस जगह पिछले कई साल से एक-दो फीट जगह धीरे-धीरे धंसती आ रही है। इस कारण सड़क भी हर साल क्षतिग्रस्त होती रही है।