





Thar पोस्ट। राजस्थान में एक महिला लिपिक ने पूर्व एसएचओ पर हनी ट्रैप में फंसाने के आरोप लगाए है। कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बानसूर में कार्यरत एक महिला सरकारी लिपिक ने रविवार रात अलवर के तिजारा फाटक पुलिया पर आत्महत्या का प्रयास किया। महिला का आरोप है कि बानसूर के पूर्व एसएचओ सुरेंद्र मलिक और कुछ अन्य लोगों ने उसे ‘हनीट्रैप’ में फंसाकर न केवल ब्लैकमेल किया, बल्कि सबूत देने के बावजूद पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने के बजाय उन्हें संरक्षण दे रही है। घटना रविवार रात करीब 9 बजे की है। महिला तिजारा पुलिया की रेलिंग पर चढ़ गई, जिससे वहां हड़कंप मच गया। राहगीरों की सूचना पर शिवाजी पार्क थाना प्रभारी चंद्रशेखर गश्ती दल के साथ मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत और समझाइश के बाद महिला को नीचे उतारा गया।





महिला का कहना था, मैं मरना नहीं चाहती लेकिन सिस्टम मुझे मरने पर मजबूर कर रहा है। पिछले 8 महीनों से न्याय के लिए दर-दर भटक रही महिला लिपिक जो कि वर्तमान में सस्पेंड चल रही है, ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला के अनुसार पूर्व एसएचओ सुरेंद्र मलिक और दो अन्य लोगों ने उसे साजिश के तहत हनीट्रैप में फंसाया और मामला रफा-दफा करने के लिए 15 लाख रुपए का सौदा करने का दबाव बनाया गया।
महिला का दावा है कि उसने आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत और दस्तावेज पुलिस को सौंपे हैं, लेकिन उसे ही झूठे केस में फंसाकर जेल भेज दिया गया।
महिला के पति ने बताया कि यह प्रताड़ना साल 2020 से चल रही है। होलावास निवासी बुधराम (बिजली ठेकेदार) ने नौकरी लगाने के नाम पर विश्वास जीता और बाद में महिला के आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। पति का आरोप है कि आरोपियों ने पत्नी से 2019 से 2021 के बीच करीब 20 लाख रुपए भी ऐंठ लिए। जब पुलिस में शिकायत की गई, तो तत्कालीन एसएचओ ने कार्रवाई करने के बजाय जबरन राजीनामा करवा दिया और बाद में आरोपियों के साथ मिल गए। शिवाजी पार्क थाना प्रभारी ने बताया कि महिला ने नारायणपुर थाने में मामला दर्ज कराया है। फिलहाल महिला से लिखित शिकायत ली जा रही है और मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरी जानकारी उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।